भक्तों को कमरा दिलाने की होड़ में खाटूश्यामजी में फिर भड़की हिंसा
सीकर। धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में एक बार फिर गेस्ट हाउस एजेंटों के बीच विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया।
भक्तों को अपने गेस्ट हाउस में कमरा दिलाने की होड़ में मंगलवार देर रात एक एजेंट पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ युवक एक व्यक्ति पर लगातार डंडों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं।
देर रात सड़क पर मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार रात करीब 1 बजे की है।
बताया जा रहा है कि करण कुमार नाम का एजेंट श्रद्धालुओं को अपने गेस्ट हाउस लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में एमजी गेस्ट हाउस से जुड़े 7-8 युवकों ने उसे घेर लिया।
इसके बाद आरोपियों ने करण पर ताबड़तोड़ लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
जमीन पर गिरने के बाद भी करते रहे हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमले में करण कुमार के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं।
मारपीट के दौरान युवक सड़क पर गिर गया और तड़पने लगा, लेकिन हमलावरों ने इसके बाद भी लाठियां बरसाना बंद नहीं किया।
घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस पहुंची तो आरोपी भागे
सूचना मिलने पर खाटूश्यामजी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को आता देख आरोपी युवक वहां से फरार हो गए।
घायल करण कुमार को तुरंत खाटूश्यामजी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए उसे जयपुर रेफर कर दिया गया।
होटल-गेस्ट हाउस में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा
स्थानीय लोगों के अनुसार खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के कारण होटल और गेस्ट हाउस संचालकों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है।
अक्सर एजेंट सड़क पर ही श्रद्धालुओं को रोककर अपने-अपने गेस्ट हाउस में ले जाने की कोशिश करते हैं। इसी होड़ के चलते विवाद बढ़ते जा रहे हैं।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
थानाधिकारी पवन चौबे ने बताया कि घायल करण कुमार की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि वीडियो फुटेज और पीड़ित के बयान के आधार पर 1-2 युवकों को राउंडअप कर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी में लगातार बढ़ती मारपीट और एजेंटों की दबंगई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन को होटल एजेंटों की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं के बीच भय का माहौल न बने।





