क्रिकेट खेलते समय सीने में दर्द, इलाज शुरू होने से पहले ही निधन
खाटूश्यामजी थाना परिसर से जवान गिरधारी लाल कुमावत की पार्थिव देह तिरंगे में लिपटी हुई तिरंगा यात्रा के रूप में रवाना हुई।
यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और युवा शामिल हुए।
मगनपुरा में राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार
मगनपुरा निवासी जवान गिरधारी लाल कुमावत का गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सैन्य टुकड़ी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा और पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
क्रिकेट खेलते समय हुआ था निधन
गिरधारी लाल कुमावत की तैनाती रुड़की (उत्तराखंड) में थी।
क्रिकेट खेलते समय अचानक सीने में दर्द उठने पर वे स्वयं अस्पताल पहुंचे, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उनका निधन हो गया।
2013 में हुए थे भर्ती
सीकर जिले के निवासी गिरधारी लाल वर्ष 2013 में सेना में भर्ती हुए थे और 56 एपीओ BEG रिकॉर्ड्स में क्लर्क पद पर कार्यरत थे।
उनकी असमय मृत्यु से क्षेत्र में शोक की लहर है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जवान के घर मातम पसरा हुआ है। पत्नी, 6 वर्षीय पुत्र और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
खाटूश्यामजी से मगनपुरा तक निकली तिरंगा यात्रा में देशभक्ति नारों के बीच लोगों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।
अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहेंगे।
