किशोर न्याय व्यवस्था पर शोध से सीकर का नाम हुआ रोशन
शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सीकर जिले का नाम रोशन करते हुए अजीतगढ़ निवासी कुशाग्र पारीक ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें एपेक्स विश्वविद्यालय से पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई है।
यह उपलब्धि उनके समर्पण, कठिन परिश्रम और बौद्धिक क्षमता का प्रमाण मानी जा रही है।
शोध का विषय और महत्व
कुशाग्र पारीक का शोध विषय था
“भारतीय किशोर अपराध एवं उसका न्यायिक तंत्र : विशेष संदर्भ किशोर न्याय अधिनियम, 2025”
यह शोध भारतीय किशोर न्याय प्रणाली की जटिलताओं को समझने का प्रयास करता है। साथ ही इसमें सुधार की संभावनाओं और व्यावहारिक चुनौतियों का गहन विश्लेषण भी प्रस्तुत किया गया है।
अकादमिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह शोध समकालीन और महत्वपूर्ण विषय पर किया गया एक सार्थक योगदान है।
मार्गदर्शन में मिली सफलता
कुशाग्र ने अपना शोध कार्य एपेक्स विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मोनिका मिश्रा के मार्गदर्शन में पूरा किया।
एक वरिष्ठ प्रोफेसर ने बताया,
“यह शोध किशोर न्याय व्यवस्था को समझने और सुधारने में उपयोगी साबित होगा।”
परिवार और क्षेत्र में खुशी
कुशाग्र पारीक, स्वर्गीय अशोक पारीक और व्याख्याता अनिला पारीक के सुपुत्र हैं।
उनकी इस सफलता पर परिवार, मित्रों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। सभी ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
