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दांता में गाड़िया लोहार समाज का संघर्ष से भरा जीवन

40 वर्षों से खुले आसमान में जीवन बिता रहे गाड़ियां लोहार परिवार

निशुल्क भूमि आवंटन एवं निशुल्क पट्टा योजना का नहीं मिल रहा लाभ,

बिजली, पानी और मकान को 40 साल से तरस रहे गाड़ियां लोहार,

बच्चों को स्कूल में भर्ती करने के लिए भी नहीं है कोई व्यवस्था,

गाड़ियां लोहार शंकर राठौड़ ने की नगर पालिका से जमीन व पट्टे देने की मांग,

दांतारामगढ़, [लिखा सिंह सैनी ] जब भी हम घर से बाहर कहीं जाने के लिए निकलते तो रास्ते में जहां तहां लकड़ी की गाड़ियों में अपना गुजर बसर करने वाले गाड़ियां लोहारों पर हमारी नजर जरूर जाती है। एक और तो सरकार प्रत्येक सिर को छत देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार की आवासीय योजनाएं ला रही है इसके तहत हर प्रकार के भूमिहीन को जमीन देने की योजनाएं चला रही है। दूसरी और नगर पालिका दांता में 40 वर्षों से गाड़िया लोहारों के करीब 15 परिवार अपना संकट भरा जीवन बिना घर के खूले आसमान में बिता रहे हैं स्थाई रूप से निवास बनाने की इच्छा वाले गाड़ियां लोहारों के लिए आज दिन तक नगर पालिका एवं राज्य सरकार ने ना तो भूमि आवंटित की है और ना ही पट्टे जारी किए हैं। जबकि सरकार ने प्रदेश में गाड़ियां लोहारों को निशुल्क भूमि आवंटित कर पट्टे देने का प्रावधान किया है और आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए भी अनुदान देने की योजना है।
महाराणा प्रताप वंशज गाड़िया लोहार के प्रदेश अध्यक्ष शंकर राठौड़ गाड़िया लोहार का कहना है कि राजस्थान में कई जिलों में राज्य सरकार के निर्देशानुसार गाड़ियां लोहार को संबंधित पंचायत व नगर पालिका द्वारा निशुल्क पट्टे जारी किए गए हैं। और मकान बनाने के लिए अनुदान राशि भी प्रदान की गई है। शंकर राठौड़ ने बताया कि दांता कस्बें में करीब 15 परिवार गाड़ियां लोहारों के 40 साल से बसे हुए हैं और अपनी गाड़ियों के अंदर ही तंबू लगाकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं ना तो उनके पास पक्के मकान है और ना ही खुद की जमीन। लेकिन प्रशासन द्वारा खुले आसमान में सर्दी, गर्मी, बारिश सभी परेशानियों का सामना करते हुए अपना जीवन यापन कर रहे इन परिवारों को आज तक पट्टे जारी नहीं किए गए हैं। उन्होंने बताया कि निशुल्क पट्टे देने व भूमि आवंटन को लेकर जिला कलेक्टर स्तर पर सर्वे कर रिपोर्ट भी बनाई गई है लेकिन आज तक प्रकिया पूरी नहीं की गई। गाड़ियां लोहारों के प्रदेश अध्यक्ष शंकर राठौड़ ने दांतारामगढ़ प्रशासन एवं नगर पालिका प्रशासन से मांग की है राज्य सरकार द्वारा चलाई गई योजना के प्रावधान के तहत इन परिवारों को भूमि आवंटित करने शुल्क पट्टे जारी किए जाएं ताकि इन परिवारों को भी पक्के मकान में रहने का लाभ मिल सके।

राशन कार्ड, आधार कार्ड सब कुछ लेकिन रहने को घर नहीं

पिछले 40 वर्षों से दांता कस्बे में बसे गाडियां लोहार रतन गाड़िया लोहार, सीताराम, कबू देवी आदि ने बताया कि उनके पास यहां का राशन कार्ड है आधार कार्ड है और खाद्य सुरक्षा योजना अंतर्गत गेहूं भी मिल रहा है और यहां तक कि चुनावों में वोट भी देते हैं लेकिन उनके पास रहने के लिए मकान नहीं है और बिजली नहीं है इसके साथ ही पीने के लिए पानी की व्यवस्था भी नहीं है उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल में दाखिला कराने की भी कोई व्यवस्था नहीं है जिसकी वजह से उनके बच्चों का भविष्य भी अंधकार मय हो रहा है। इसलिए सभी ने सरकार और स्थानीय प्रशासन व नगर पालिका से निशुल्क भूमि आवंटित कर पट्टे देने की गुहार लगाई है।

महिलाओं को होती है शर्मिंदगी और परेशानी

कब्बू देवी गाड़ियां लोहार ने बताया कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए कई प्रकार की योजनाएं चल रही है शौचालय आदि भी बनवा रही है लेकिन खुले आसमान में जीवन यापन कर रही गाड़ियां लोहार समाज की महिलाओं को आज भी खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है और गर्भवती महिलाओं व युवतियों को काफी शर्मिंदगी महसूस करनी पड़ती है।

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