सीकर जिले में मलेरिया क्रैश अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग लगातार सक्रिय है।
1 अप्रैल से शुरू हुए इस अभियान में अब तक 85,008 घरों का सर्वे किया जा चुका है।
218 पात्रों को किया गया उपचारित
सर्वे के दौरान 206 घरों में लार्वा पाए गए, जिनमें कुल 218 पात्रों को उपचारित किया गया।
इसके साथ ही करीब 1 लाख 49 हजार 710 पात्रों की जांच की गई है।
संयुक्त निदेशक ने लिया फीडबैक
संयुक्त निदेशक डॉ. यदुराज सिंह ने गुरुवार को स्वास्थ्य भवन में अभियान की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए पुख्ता प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए।
दवाइयों और संसाधनों की उपलब्धता पर जोर
उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक महरिया को निर्देश दिए कि:
सभी चिकित्सालयों में पर्याप्त दवाइयां और संसाधन उपलब्ध हों
स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे
एक हजार से अधिक टीमों की भागीदारी
अभियान के तहत जिले में 1000 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं।
टीमें एंटी-लार्वल और एंटी-एडल्ट गतिविधियां भी कर रही हैं।
मौसमी बीमारियों पर विशेष फोकस
बढ़ते तापमान को देखते हुए विभाग ने मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया है।
साथ ही टीकाकरण, प्रसव और एएनसी रजिस्ट्रेशन जैसी सेवाओं की भी समीक्षा की गई।
अधिकारी रहे मौजूद
इस दौरान
- डॉ. विशाल सिंह
- प्रकाश गहलोत
- डॉ. अम्बिका प्रसाद जांगिड
सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।



