सीकर: पशुपालकों के लिए संबल बनी मंगला पशु बीमा योजना
राज्य सरकार की मंगला पशु बीमा योजना सीकर जिले में पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही है।
योजना के तहत दुधारू पशुओं का बीमा कर पशुपालक संभावित नुकसान से राहत पा रहे हैं।
चैनपुरा के बनवारी लाल की सफलता की कहानी
ग्राम चैनपुरा निवासी बनवारी लाल खिचड़ ने योजना का लाभ उठाते हुए अपने दो दुधारू पशुओं (एक गाय और एक भैंस) का बीमा करवाया है।
बनवारी लाल का कहना है
पशुपालन में हमेशा अनहोनी का डर रहता है, लेकिन मंगला पशु बीमा योजना से अब बड़ी चिंता दूर हो गई है।
अकाल मृत्यु पर 40 हजार रुपये की सहायता
योजना के तहत यदि किसी कारणवश पशु की अकाल मृत्यु हो जाती है, तो प्रति पशु 40 हजार रुपये की सहायता राशि मिलती है।
यह राशि संकट की घड़ी में पशुपालक परिवार के लिए मजबूत आर्थिक सहारा बनती है।
पशुपालन के प्रति बढ़ा भरोसा
इस योजना से पशुपालकों का पशुपालन व्यवसाय के प्रति विश्वास बढ़ा है।
अब पशुपालक अधिक उत्साह और आत्मविश्वास के साथ इस कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।
सरकार और विभाग के प्रति जताया आभार
बनवारी लाल खिचड़ ने राजस्थान सरकार और पशुपालन विभाग, सीकर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि
यह योजना पशुपालकों के लिए वास्तव में सुरक्षा कवच साबित हो रही है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि मंगला पशु बीमा योजना से
ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत, पशुपालकों की आय सुरक्षित और पशुपालन को स्थायित्व मिल रहा है।
