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राष्ट्रीय बालिका दिवस : बेटियां कर रही है हर क्षेत्र में नाम रोशन , बेटियां बोझ नहीं है, हैं जीवन का आधार

दांतारामगढ़, [लिखा सिंह सैनी ] राष्ट्रीय बालिका दिवस प्रतिवर्ष 24 जनवरी को पुरे देशभर में मनाया जाता है।आज देश की बेटियां हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रही है। छोटे गांव व ढाणियों की बेटियों को सही मार्गदर्शन मिले तो वो भी अपना नाम रोशन कर सकती हैं। सरकार ने बेटियां के लिए बहुत सी योजनाएं बनाई हैं और चलाया भी जा रहा है । आयें दिन बालिकाओं के साथ हो रहे जघन्य अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को सक्त कानून बनाकर तुरंत प्रभाव से सज़ा सुनाई जानी चाहिए ।

गीता सामोता

दांतारामगढ़ के चक गांव की बेटी गीता सामोता ने अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची पर्वत चोटी किलिमंजारो पर चढ़ाई कर भारतीय ध्वज तथा सीआईएसएफ के ध्वज को फहराकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। गीता सामोता केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में सब-इंस्पेक्टर है।‌गीता ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में अनेक उपलब्धियां हासिल की है। गीता ने बहुत ही कम समय में यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की चार सबसे ऊंची चोटियों को जीतकर नाम रोशन किया है। अभी हाल ही में 19 जनवरी 2025 को गीता सर्दियों में माउंट क्यागर- री पर विजय प्राप्त करने वाले पहली अर्धसैनिक कर्मी बनी ।

मनीषा सैनी

गुहाला की मनीषा सैनी संगीत में नाम रोशन कर रही है । ‘पड़ोसन‌’ शीर्षक गीत से मनीषा को प्रसिद्धि मिली। एक सभा में निमंत्रण पर पहुंची और आयोजित सभा में विरोध के बावजूद मनीषा सैनी ने पूरा गीत गाया । वहीं से मनीषा की प्रसिद्धि को चार चांद लग गए। कभी-कभी विरोध भी व्यक्ति को प्रसिद्धि दिला देता है । मनीषा के साथ भी ऐसा ही हुआ मनीषा रातों -रात स्टार बन गई ‌, यद्यपि मनीषा पिछले दस सालों से गा रही थी। मनीषा हालांकि राजस्थानी ,पंजाबी,हरियाणवी व हिन्दी भाषा में गाती है मगर पहचान राजस्थानी गायकी से मिली है।मनीषा ने राजस्थानी गीतों को नवीन चाल में ढालने का काम किया है ,एवं राजस्थानी गानों को नई पहचान दे रही है।

अभिलाषा रणवां

प्लांट बेबी के नाम से मशहूर सीकर की अभिलाषा रणवां ने पर्यावरण को हरा भरा रखने के लिए अबतक दो लाख से अधिक पौधे लगा चुकी है एवं लाखों पेड़-पौधे वितरण कर चुकी हैं। अभिलाषा अपनी मुहीम ‘हर हाथ से लगे एक पौधा जीवन के लिए’ को आमजन तक पहुंचाने के लिए हमेशा से ही प्रयासरत हैं। अभिलाषा को पर्यावरण संरक्षण के लिए बहुत से पुरस्कार व सम्मान मिल चुके है।अभिलाषा के पिता की स्मृति में बनी मनसुख रणवां संस्थान की ओर से बहुत से कार्य करवाए जा रहे हैं । अभिलाषा ने कच्ची बस्ती की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सिलाई प्रशिक्षण सेंटर भी शुरू किया है।

पूजा सैनी

राजस्थानी भाषा से अपनी एक अलग पहचान बना चुकी सोशल मीडिया पर ‘ओर के हाल है सीकर आलो’ सोसल मीडिया पर‌ पूजा सैनी राजस्थानी छोरी के नाम से प्रसिद्ध है । इनका मानना है कि कई बार जेहन में मायड़ भाषा के खूब सारे शब्द घूमने लगे जो आज प्रचलन में नहीं हैं। सच तो यह भी है कि शहर की मूल संस्कृति लुप्त होती जा रही है और मायड़ भाषा के मूल शब्द भी, पूजा सैनी सोसल मीडिया पर राजस्थानी भाषा को अपनी आवाज से शानदार गीत की तरह बोलकर ‌अच्छा ख़ासा प्रचार प्रसार कर रही है।साथ ही सोसल मीडिया पर प्रचार प्रसार कर भी अच्छी आमदनी भी कमा रही है।

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