जिलेभर में 21 बेंचों में होगी मामलों की सुनवाई और समझौता
सीकर जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च 2026 शनिवार को किया जाएगा।
यह आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिले के सभी न्यायालयों में होगा।
सस्ता और सुलभ न्याय का माध्यम
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीकर की सचिव शालिनी गोयल ने बताया कि लोक अदालत मुकदमों के निस्तारण का सस्ता, सुलभ और सौहार्दपूर्ण तरीका है।
लोक अदालत में निपटाए गए मामलों में कोर्ट फीस के रूप में जमा राशि भी पक्षकारों को वापस कर दी जाती है, जिससे लोगों को कम खर्च में न्याय मिल पाता है।
आपसी सहमति से होता है निस्तारण
लोक अदालत की प्रक्रिया पूरी तरह पक्षकारों की आपसी सहमति पर आधारित होती है।
इसमें किसी प्रकार की तकनीकी पेचीदगी नहीं होती, जिससे विवाद जल्दी सुलझ जाते हैं और पक्षकारों के बीच सौहार्द और सामंजस्य बना रहता है।
लोक अदालत में दिए गए फैसले अंतिम होते हैं और इनके खिलाफ अपील नहीं की जा सकती।
इन मामलों का होगा निपटारा
लोक अदालत में केवल न्यायालय में लंबित मामलों ही नहीं बल्कि प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निपटारा किया जा सकता है।
मुख्य रूप से इनमें शामिल हैं:
- बैंक ऋण की किश्त वसूली
- बिजली बिल और टेलीफोन बिल विवाद
- अन्य आपसी सहमति वाले विवाद
जिले में 21 बेंच गठित
14 मार्च को आयोजित लोक अदालत में मामलों की सुनवाई के लिए जिले में कुल 21 बेंच गठित की गई हैं।
ये बेंच निम्न स्थानों पर कार्य करेंगी:
- सीकर जिला मुख्यालय
- फतेहपुर
- लक्ष्मणगढ़
- श्रीमाधोपुर
- नीमकाथाना
- रींगस
- दांतारामगढ़
- खण्डेला
- धोद
सभी बेंच सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मामलों की सुनवाई और समझौते की कार्यवाही करेंगी।
