कोलीड़ा गांव की बेटी ने फुटबॉल कोचिंग में रचा नया इतिहास
सीकर जिले के कोलीड़ा गांव की बेटी प्रियंका चौधरी ने फुटबॉल कोचिंग के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। वह एआईएफएफ डी कोचिंग लाइसेंस प्राप्त करने वाली जिले की पहली महिला कोच बन गई हैं।
प्रियंका, ग्रामीण महिला महाविद्यालय की छात्रा हैं और फुटबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुकी हैं।
जालंधर में हुआ चयन
प्रियंका का चयन 18 से 23 दिसंबर तक पंजाब के जालंधर में आयोजित छह दिवसीय कोर्स के लिए हुआ था। यह पाठ्यक्रम ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) द्वारा आयोजित किया गया।
कोर्स के दौरान प्रतिभागियों का सैद्धांतिक और व्यावहारिक मूल्यांकन किया गया।
क्या सिखाया जाता है डी लाइसेंस कोर्स में?
डी लाइसेंस कोचिंग कोर्स में खिलाड़ियों की आयु के अनुसार प्रशिक्षण देना सिखाया जाता है।
इसके साथ ही—
- खिलाड़ियों की मानसिकता को समझना
- व्यक्तिगत और सामूहिक प्रदर्शन का विश्लेषण
- खेल की तकनीक पर काम करना
- कोच का खिलाड़ियों के प्रति व्यवहार
जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
राष्ट्रीय स्तर पर कर चुकी हैं प्रतिनिधित्व
प्रियंका शैक्षिक सत्र 2023-24 में पंजाब के लुधियाना में आयोजित स्कूली गर्ल्स नेशनल टूर्नामेंट में राजस्थान टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
साथ ही उन्होंने लगातार दो सत्रों में पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी यूनिवर्सिटी की टीम का प्रतिनिधित्व किया है।
महाविद्यालय में हुआ सम्मान
इस उपलब्धि पर संस्थान अध्यक्ष झाबरमल, प्राचार्य डॉ. सुभाग जाखड़ और कोच मुन्नी चौहान ने प्रियंका को शुभकामनाएं दीं।
महाविद्यालय प्रशासन ने कहा,
“प्रियंका की सफलता से जिले की अन्य छात्राओं को खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।”
सीकर के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?
- जिले की पहली महिला डी लाइसेंस कोच
- ग्रामीण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय स्तर तक का सफर
- खेलों में बेटियों की भागीदारी को मिलेगा बढ़ावा
यह उपलब्धि सीकर जिले के लिए गर्व का विषय है और शेखावाटी क्षेत्र में महिला खेल प्रतिभाओं के लिए नई राह खोलेगी।
