महिला उद्यमिता को मिला बढ़ावा, ‘राज सखी घी’ बना आकर्षण का केंद्र
सीकर के अर्बन हाट परिसर में आयोजित आठ दिवसीय ‘राज सखी मेला’ का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ। यह आयोजन महिला सशक्तिकरण, स्थानीय कौशल और ग्रामीण उद्यमिता को समर्पित रहा।
अतिथियों ने की सराहना
समापन समारोह में अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार मुख्य अतिथि रहे।
अतिथियों ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार हस्तशिल्प और उत्पादों की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताया।
12 ब्लॉकों की महिलाओं ने लिया हिस्सा
13 मार्च से शुरू हुए इस मेले में जिले के
- धोद
- दांतारामगढ़
- पिपराली
- लक्ष्मणगढ़
- श्रीमाधोपुर
- नीमकाथाना सहित 12 ब्लॉकों
की महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
मेले में उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री ने महिलाओं की आय बढ़ाने में मदद की।
लकी ड्रा बना आकर्षण
समापन समारोह में लकी ड्रा का आयोजन किया गया, जिसमें विजेताओं को सम्मानित किया गया।
मुख्य विजेता:
- प्रथम: रिंकेश (फ्रिज)
- द्वितीय: ऋत्विक सिंह (मिक्सर-जूसर)
- तृतीय: भानमती देवी (प्रेस)
- अन्य: किचन सेट व ग्राइंडर पुरस्कार
‘राज सखी घी’ का लॉन्च
मेले का सबसे खास आकर्षण रहा ‘राज सखी घी’ का लॉन्च।
यह उत्पाद लक्ष्मणगढ़ ब्लॉक के करणी कृपा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किया गया है, जो देशी गाय के शुद्ध घी पर आधारित है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजी शाम
मेले के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
आत्मनिर्भरता की ओर कदम
अधिकारियों ने ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के तहत स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का आह्वान किया।
यह मेला महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।
