सीकर जिले के रामगढ़ शेखावाटी थाना क्षेत्र के भाकरवासी स्थित बाबा रामदेवजी महाराज मंदिर में 13 मार्च की रात हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी गया सामान बरामद किया है।
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान चोरी में इस्तेमाल की गई बाइक और चांदी का छत्र भी जब्त किया है।
मंदिर से चांदी के मुकुट और छत्र किए थे चोरी
जानकारी के अनुसार 13 मार्च की अर्धरात्रि को चोरों ने मंदिर में सेंध लगाकर चांदी का मुकुट, चांदी के छत्र और चांदी की दो पैरों की प्रतिमाएं चोरी कर ली थीं।
वारदात के बाद आरोपी मंदिर का डीवीआर (CCTV रिकॉर्डर) भी साथ ले गए ताकि उनकी पहचान न हो सके।
घटना के बाद स्थानीय भक्त देवकरण पुत्र सूरजाराम ने रामगढ़ शेखावाटी थाने में मामला दर्ज कराया था।
दिन में की रैकी, रात में दिया वारदात को अंजाम
थानाधिकारी सीआई प्रकाशचन्द्र ने बताया कि आरोपियों ने पहले दिन में मंदिर की रैकी की थी।
शाम करीब साढ़े चार बजे आरोपी मंदिर पहुंचे और पूरे परिसर का निरीक्षण किया। इसके बाद रात को बाइक दूर खड़ी कर पैदल मंदिर पहुंचे और दीवार फांदकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
500 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले
मंदिर का DVR चोरी होने के बावजूद पुलिस ने आसपास के 500 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
जांच के दौरान न्यांगली क्षेत्र में आरोपियों की बाइक की पहचान हुई। इसके बाद पुलिस ने झुंझुनूं और हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू तक जांच का दायरा बढ़ाया।
पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी वारदात के बाद नेपाल भाग गया था। नेपाल से लौटने पर पुलिस ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
दो आरोपी गिरफ्तार, कई राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस ने इस मामले में गजानन्द उर्फ गज्जू उर्फ साधू निवासी लोहारू (हरियाणा) और उसके साथी अंकुश उर्फ राजू निवासी लखीमपुरखीरी (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया है।
मुख्य आरोपी गजानन्द के खिलाफ राजस्थान और हरियाणा में चोरी, लूट, नकबजनी, NDPS एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित 16 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
गूगल पर देखकर चुनता था मंदिर
जांच में सामने आया कि आरोपी गजानन्द गूगल पर बड़े और प्रसिद्ध मंदिरों को सर्च कर उन्हें निशाना बनाता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी वारदात के दौरान मोबाइल साथ नहीं रखते थे ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके।
“आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे और पहचान छुपाने का पूरा प्रयास करते थे।” पुलिस अधिकारी
पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे गए आरोपी
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस अब गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और संभावित सदस्यों के बारे में पूछताछ कर रही है।





