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साधारण परिवार, लेकिन सोच बड़ी : बेटी ने लौटाई 3 तोला सोने की चैन, बनी ईमानदारी की मिसाल

Sikar News (सीकर समाचार) : साधारण परिवार, लेकिन सोच बड़ी : बेटी ने लौटाई 3 तोला सोने की चैन, बनी ईमानदारी की मिसाल

रामगढ़ शेखावाटी (सीकर)। ईमानदारी आज भी जिंदा है, इसका जीवंत उदाहरण बनी हैं रामगढ़ शेखावाटी की बेटी बानो लीलगर। उन्होंने अस्पताल परिसर में मिली तीन तोला सोने की चैन उसके असली मालिक तक पहुंचाकर समाज के सामने प्रेरणादायक मिसाल पेश की है।

 अस्पताल परिसर में मिली थी कीमती चैन

बानो लीलगर 15 जनवरी को रतनगढ़ से चूरू के राजकीय भरतिया अस्पताल में अपने भाई की पत्नी के प्रसव के बाद नवजात भतीजे से मिलने पहुंची थीं।
इसी दौरान अस्पताल के पार्क में उन्हें भारी सोने की चैन पड़ी मिली, जिसकी बाजार कीमत करीब 4.5 लाख रुपये बताई जा रही है।

 खुद शुरू की मालिक की तलाश

कीमती चैन मिलने के बाद बानो ने उसे अपने भाई और परिचितों को दिखाया और मालिक की तलाश शुरू करवाई।
पूछताछ में पता चला कि रामगढ़ शेखावाटी निवासी मो. फारूक की चूरू रहने वाली बहन अस्पताल आई थी, उसी दौरान चैन गिर गई थी।

 सात दिन बाद ससम्मान लौटाई चैन

जानकारी की पुष्टि होने पर बानो ने अपने ससुराल से लौटकर मो. फारूक के माध्यम से उनके भांजे को बुलवाया और
सात दिन बाद चैन को पूरे सम्मान के साथ लौटा दिया।

 साधारण परिवार, लेकिन सोच बड़ी

इस घटना को खास बनाता है बानो का पारिवारिक बैकग्राउंड

  • भाई और भतीजा ऑटो रिक्शा व गधा गाड़ी चलाकर मजदूरी करते हैं

  • बेटा रतनगढ़ में मजदूरी करता है

  • खुद बानो बूंदी बांधकर रोजाना कुछ सौ रुपये कमाती हैं

इसके बावजूद उन्होंने लाखों रुपये की चैन को अपने पास रखना उचित नहीं समझा।

 मोहल्ले और युवाओं ने की जमकर सराहना

चैन वापस मिलने पर संबंधित परिवार, मोहल्लेवासियों और युवाओं ने
बानो लीलगर की ईमानदारी की खुले दिल से प्रशंसा की।