मिलावट की आशंका पर सैंपल लिए, खाद्य प्रयोगशाला जयपुर भेजी गई जांच रिपोर्ट
सीकर। फाल्गुन लक्खी मेले में श्रद्धालुओं को शुद्ध व ताजा खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है।
विश्वप्रसिद्ध खाटूश्यामजी मेले के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम लगातार निरीक्षण कर रही है।
394 किलो मिल्क केक नष्ट
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक महरिया ने बताया कि जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा व खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ टी शुभमंगला के निर्देशन में कार्रवाई की जा रही है।
रींगस में डीएसटी टीम के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पिकअप वाहन से मेले में सप्लाई किए जा रहे मिल्क केक व मावा मिठाई के सैंपल लिए। मिलावट की आशंका पर 394 किलोग्राम मिल्क केक व मावा मिठाई को वाहन चालक की सहमति से जेसीबी द्वारा गड्ढा खुदवाकर नष्ट करवाया गया।
70 किलो अवधिपार खाद्य सामग्री नष्ट
निरीक्षण के दौरान:
- होटल स्टार वैली (मिल तिराहा) से 55 किलो चिप्स व कुरकुरे
- रेलवे स्टेशन रींगस स्थित श्री श्याम चाट भंडार से 15 किलो ब्रेड पैकेट
अवधिपार पाए जाने पर नष्ट करवाए गए।
सैंपल जयपुर भेजे
खाद्य वस्तुओं के सैंपल जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला जयपुर भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एफएसएसएआई एक्ट के पालन के निर्देश
टीम ने व्यापारियों को साफ-सफाई रखने और FSSAI Act 2006 का पालन करने के निर्देश दिए।
मेले में लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि लक्खी मेले के दौरान मिलावटखोरी व अवधिपार खाद्य सामग्री के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
