भू-रूपांतरण, नामांतरण और अतिक्रमण मामलों में तेजी लाने के आदेश
सीकर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर रतन कुमार स्वामी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न राजस्व मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई।
मिशन मोड पर निस्तारण के निर्देश
एडीएम रतन कुमार ने सभी उपखंड अधिकारियों और तहसीलदारों से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त कर स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी राजस्व कार्यों को मिशन मोड में लेकर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि:
- फार्मर रजिस्ट्री में उल्लेखनीय प्रगति लाई जाए।
- एवरेज फाइल डिस्पोजल में सुधार किया जाए।
- मुख्यमंत्री कार्यालय, लोकायुक्त और मानवाधिकार आयोग से संबंधित प्रकरणों की रिपोर्ट समय-सीमा में भेजी जाए।
30 दिन में भू-रूपांतरण का निस्तारण
बैठक में निर्देश दिए गए कि भू-रूपांतरण के प्रकरण 30 दिवस में निस्तारित किए जाएं।
साथ ही निम्न मामलों में तेजी लाने को कहा गया:
- रास्तों के विवाद
- धारा 183बी के प्रकरण
- सीमांकन एवं इजराय
- चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाना
- एलआर एक्ट के विचाराधीन मामले
- वर्षों से लंबित नामांतरण व रास्ता प्रकरण
- गिरदावरी और लाइट्स पोर्टल प्रकरण
- संपर्क पोर्टल एवं न्यायालयीन मामले
अतिक्रमण हटाने के निर्देश
एडीएम ने सार्वजनिक रास्तों के सीमांकन और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार करने के निर्देश दिए।
वीसी के माध्यम से जुड़े अधिकारी
बैठक में एसडीएम निखिल कुमार सहित सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और राजस्व विभाग के कार्मिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
क्यों अहम है यह बैठक?
सीकर जिले में भूमि, नामांतरण और अतिक्रमण से जुड़े मामले आमजन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
ऐसे में राजस्व विभाग को मिशन मोड में लाकर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता माना जा रहा है।
