किसान परिवार की बेटी ने छात्रसंघ से समाजसेवा तक बनाई पहचान
सीकर की रुचि चौधरी: महिला सशक्तिकरण की मिसाल
“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः” — अर्थात जिस समाज में स्त्रियों का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है।
महिला दिवस के अवसर पर शेखावाटी क्षेत्र की ऐसी ही एक बेटी की कहानी सामने आती है, जिसने अपनी मेहनत और समाजसेवा से सीकर सहित पूरे क्षेत्र में अलग पहचान बनाई।
यह कहानी है सीकर जिले के किसान परिवार में जन्मी रुचि चौधरी की।
छात्रसंघ अध्यक्ष से समाजसेवा तक का सफर
रुचि चौधरी ने एसके कॉलेज सीकर में पढ़ाई के दौरान ही नेतृत्व की पहचान बना ली थी।
वह कॉलेज की छात्रसंघ अध्यक्ष बनीं और इसके बाद सामाजिक कार्यों के जरिए लोगों के बीच अपनी अलग छवि बनाई।
महिला स्वास्थ्य के लिए चलाया अनूठा अभियान
रुचि चौधरी पिछले 8 वर्षों से लड़कियों के लिए निःशुल्क सेनेटरी पैड वितरण अभियान चला रही हैं।
इस अभियान के तहत उन्होंने विभिन्न संस्थाओं और कार्यक्रमों में हजारों लड़कियों को सेनेटरी पैड वितरित किए।
इतना ही नहीं, उन्होंने 10 हजार से अधिक सेनेटरी पैड वितरित कर एक रिकॉर्ड भी बनाया।
समाज और पर्यावरण के लिए लगातार प्रयास
रुचि चौधरी केवल महिला स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहीं।
उन्होंने कई सामाजिक और जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई, जैसे:
- निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन
- पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ लगाना
- महिलाओं और लड़कियों को स्वास्थ्य व जागरूकता के लिए प्रेरित करना
इन कार्यों से उन्होंने समाज में महिला सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल पेश की है।
शिक्षा के साथ सेवा का सफर जारी
सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ रुचि चौधरी ने शिक्षा को भी प्राथमिकता दी है।
वर्तमान में वह पीएचडी की पढ़ाई कर रही हैं और समाज सेवा के कार्यों को भी लगातार आगे बढ़ा रही हैं।
