सीकर जिले में रिश्वत मांगने के मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।
कोर्ट ने रींगस के तत्कालीन डीएसपी नाथूराम महरानियां को 4 साल की सजा सुनाई है।
सहयोगी को भी मिली सजा
इस मामले में डीएसपी के सहयोगी मनोज अग्रवाल को भी साढ़े 3 साल की जेल और जुर्माना लगाया गया है।
दोनों आरोपियों को कोर्ट के जज अखिलेश कुमार ने दोषी पाया।
रिश्वत मांगने का मामला
सहायक निदेशक अभियोजन मुकेश कुमार सिर्वा के अनुसार, आरोपी ने एक मामले में एफआर लगाने के बदले 2 लाख रुपए की मांग की थी।
बाद में 1 लाख रुपए में सौदा तय हुआ।
ACB ट्रैप में पकड़े गए आरोपी
एसीबी ने कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए मनोज अग्रवाल को रंगे हाथों पकड़ा था।
जांच में सामने आया कि वह रकम डीएसपी नाथूराम महरानियां के लिए ली जा रही थी।
पुराने मामले से जुड़ा है विवाद
यह मामला वर्ष 2013-14 के एक आपराधिक केस से जुड़ा हुआ है।
जिसमें जांच प्रभावित करने के लिए रिश्वत की मांग की गई थी।
कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला
कोर्ट ने डीएसपी को 4 साल की जेल और 50 हजार जुर्माना तथा सहयोगी को 3.5 साल की जेल और 20 हजार जुर्माना सुनाया।
भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।
जांच के बाद मिला न्याय
ACB द्वारा की गई जांच और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।
इस फैसले को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश माना जा रहा है।



