सीकर, प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर आशीष मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत चल रहे मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जनगणना कार्य की प्रगति, डेटा की गुणवत्ता तथा समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
क्षेत्र में जाकर करें सत्यापन
जिला कलक्टर ने सभी उपखंड अधिकारियों और चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्वयं क्षेत्र का दौरा कर मकानसूचीकरण कार्य का निरीक्षण करें और संकलित किए जा रहे आंकड़ों का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि मकानसूचीकरण का कार्य उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और निर्धारित समय-सीमा में पूरा होना चाहिए, क्योंकि यही आंकड़े आगामी जनगणना चरणों का आधार बनेंगे।
लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं
बैठक में जिला कलक्टर ने स्पष्ट कहा कि डेटा संकलन में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही या विसंगति स्वीकार नहीं की जाएगी।
सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के कार्यों की नियमित निगरानी करें तथा दैनिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
पांच प्रगणकों को नोटिस जारी करने के निर्देश
प्रगति समीक्षा के दौरान कुछ प्रगणकों की कार्य गति अत्यंत धीमी पाई गई। इस पर जिला कलक्टर ने कार्रवाई करते हुए पांच प्रगणकों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
इनमें शामिल हैं:
- रमेशचंद यादव (नगर परिषद सीकर)
- मनीषा (नगर परिषद सीकर)
- सज्जन कुमार वर्मा (नगर परिषद सीकर)
- आर्यन पंवार (नगर परिषद सीकर)
- भगवान सहाय देवदूत (दांतारामगढ़ तहसील)
प्रशासन ने इसे कार्य के प्रति उदासीनता मानते हुए जवाब तलब करने का निर्णय लिया है।
केवल सात दिन शेष
बैठक में बताया गया कि मकानसूचीकरण कार्य पूर्ण करने के लिए अब केवल सात दिन शेष हैं।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को पर्यवेक्षण व्यवस्था और अधिक मजबूत करने तथा शेष कार्य को तय समय में पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
कई अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) रतन कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर भागीरथ साख, उप जिला जनगणना अधिकारी डॉ. अनिल कुमार शर्मा, जिला साक्षरता अधिकारी डॉ. चंद्र प्रकाश महर्षि, स्टेट मास्टर ट्रेनर रवि जोशी सहित जनगणना कार्य से जुड़े विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।





