सड़क सुरक्षा रिस्पॉन्स सिस्टम और सड़क दुर्घटना आपातकालीन सेवा नंबर 112 की जाँच
सीकर में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने की, जबकि जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुनावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
कलेक्टर ने खुद किया 112 पर कॉल
बैठक के दौरान जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने आपातकालीन सेवा नंबर 112 की कार्यप्रणाली और तत्परता की जांच के लिए स्वयं कॉल किया।
उन्होंने परीक्षण के तौर पर रामू का बास क्षेत्र में गंभीर सड़क दुर्घटना होने की काल्पनिक सूचना दी और पूछा कि घायल व्यक्ति को किस अस्पताल में ले जाना चाहिए।
कंट्रोल रूम ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तत्काल मार्गदर्शन प्रदान किया। इस अभ्यास के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की कार्यक्षमता और तत्परता का आकलन किया गया।
हेलमेट पहनने के लिए जागरूकता बढ़ाने के निर्देश
जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित किया जाए और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान एवं लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु और गंभीर चोटों को कम करने के लिए हेलमेट और यातायात नियमों का पालन बेहद जरूरी है।
आई-रेड पोर्टल पर शत-प्रतिशत एंट्री सुनिश्चित करें
बैठक में कलेक्टर ने सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े सभी मामलों की आई-रेड (iRAD) पोर्टल पर नियमित और शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना डेटा का सही विश्लेषण सड़क सुरक्षा योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
ब्लैक स्पॉट और ब्लाइंड कर्व पर विशेष निगरानी
जिला कलेक्टर ने सड़क सुरक्षा ऑडिट को नियमित रूप से कराने और ब्लैक स्पॉट तथा ब्लाइंड कर्व की पहचान कर आवश्यक सुधार कार्य करने के निर्देश दिए।
उन्होंने लोसल मार्ग, लक्ष्मणगढ़-फतेहपुर मार्ग और लक्ष्मणगढ़ पुलिया के पास रबर स्ट्रिप, ट्रैफिक कोन और सोलर ब्लिंकिंग लाइट लगाने को कहा।
साथ ही बगड़ी तिराहे पर सड़क सुरक्षा संकेतक (साइनेज) स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।
स्कूल वाहनों और चालकों की होगी जांच
बैठक में स्कूलों की बाल वाहिनियों की नियमित जांच, वाहन चालकों के आई-विजन टेस्ट तथा चिकित्सा शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया गया।
पात्र चालकों को चश्मे वितरित करने और उन्हें मां नेत्र वाउचर योजना से लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए गए।
यातायात बाधाओं को हटाने के निर्देश
जिला कलेक्टर ने पिपराली सर्किल पर यातायात में बाधा बन रहे डेयरी बूथ और यूआईटी द्वारा किए गए सौंदर्यीकरण कार्य को हटाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा सांवली सर्किल, नानी सर्किल और धोद चौराहे पर यातायात प्रभावित कर रहे पोल एवं ट्रांसफार्मरों को स्थानांतरित करने के भी निर्देश जारी किए गए।
एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर जोर
बैठक में एम्बुलेंस सेवाओं की पहुंच और कार्यक्षमता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम कम किया जाए ताकि दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके।





