सीकर जिले में फाउंडेशनल लर्निंग स्टेज सर्वे 2025-26 सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
इस सर्वे में जिले के 11 विद्यालयों के 107 विद्यार्थियों को शामिल किया गया।
NEP 2020 के तहत हुआ आकलन
यह सर्वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत आयोजित किया गया।
इसका उद्देश्य कक्षा 3 तक के विद्यार्थियों में बुनियादी साक्षरता (Literacy) और संख्याज्ञान (Numeracy) के स्तर का आकलन करना था।
निपुण भारत मिशन से जुड़ा उद्देश्य
स्टेट रिसोर्स पर्सन राजकमल जाखड़ ने बताया कि यह सर्वे निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की प्रगति को मापने के लिए किया गया।
सरकार समय-समय पर शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए ऐसे सर्वे आयोजित करती है।
पहली बार टैबलेट आधारित सर्वे
इस बार सर्वे की खास बात यह रही कि इसे टैबलेट आधारित प्रणाली से कराया गया।
विद्यार्थियों ने अपने उत्तर सीधे टैबलेट में दर्ज किए, जिससे डेटा सीधे NCERT तक पहुंचा और परिणाम जल्दी मिलने की संभावना है।
विविध विद्यालयों का चयन
सर्वे में सरकारी, निजी, शहरी, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालयों को शामिल किया गया।
प्रत्येक विद्यालय से कक्षा 4 के 12 विद्यार्थियों का चयन किया गया और उनसे कक्षा 3 स्तर के प्रश्न पूछे गए।
40-50 मिनट में हुआ आकलन
हर विद्यार्थी से लगभग 40 से 50 मिनट तक प्रश्न पूछे गए।
फील्ड इन्वेस्टिगेटर्स ने उत्तर टैबलेट में दर्ज कर डेटा सिंक्रोनाइज किया।
प्रशिक्षण के बाद हुआ सर्वे
डीएलसी प्रभारी डॉ. सुरभि चौधरी ने बताया कि सभी फील्ड इन्वेस्टिगेटर्स को पहले सघन प्रशिक्षण दिया गया था।
इसके बाद उन्हें विद्यालयों में भेजकर सर्वे पूरा कराया गया।
केंद्रीय विद्यालय में भी हुआ सर्वे
केंद्रीय विद्यालय सीकर में भी टैबलेट के माध्यम से सर्वे किया गया।
यहां संस्था प्रधान नरसीलाल बिजारणिया से भी व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई।



