सीकर में खाद्य सुरक्षा योजना का बड़ा अपडेट
राज्य सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना को सही पात्रों तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे गिव अप अभियान में सीकर जिले से बड़ी जानकारी सामने आई है। जिले में अब तक 2 लाख 17 हजार 341 व्यक्तियों ने स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ दिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सख्त कार्रवाई
30 जनवरी, सीकर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य सरकार वंचित वर्गों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि अंतिम पंक्ति में खड़े पात्र व्यक्ति ही सरकारी योजनाओं का लाभ लें।
कौन हैं खाद्य सुरक्षा से अपात्र?
खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मापदंडों के अनुसार निम्न श्रेणियों को निष्कासन सूची में रखा गया है
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परिवार का कोई सदस्य आयकर दाता हो
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सरकारी, अर्द्धसरकारी या स्वायत्तशासी संस्थान में कर्मचारी
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वार्षिक पारिवारिक आय 1 लाख रुपये से अधिक
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परिवार में चार पहिया वाहन (जीविकोपार्जन में प्रयुक्त ट्रैक्टर को छोड़कर)
1126 अपात्र लोगों को नोटिस
जिला रसद अधिकारी विजेंद्र पाल ने बताया कि गिव अप अभियान के तहत सीकर जिले में 1126 अपात्र व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनसे अनुचित रूप से लिए गए राशन की वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खाद्य सुरक्षा का लाभ केवल पात्र परिवारों तक ही पहुंचे।– विजेंद्र पाल, जिला रसद अधिकारी, सीकर
उचित मूल्य दुकानों पर रोजाना जांच
अब प्रत्येक उचित मूल्य दुकान पर खाद्य विभाग के प्रवर्तन अधिकारी और निरीक्षक औचक निरीक्षण करेंगे।
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रोजाना दुकानों पर पहुंचकर अपात्र व्यक्तियों की सूची तैयार की जाएगी
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दुकानदारों के सहयोग से नोटिस और वसूली प्रक्रिया पूरी की जाएगी
वाहन डाटा से होगी पहचान
खाद्य विभाग जल्द ही परिवहन विभाग से चार पहिया वाहन स्वामियों का डाटा प्राप्त करेगा। इसके आधार पर खाद्य सुरक्षा योजना में चयनित अपात्र लाभार्थियों को नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
