गिव अप अभियान में 1166 अपात्रों को नोटिस, होगी वसूली कार्रवाई
सीकर जिले में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत चल रहे गिव अप अभियान में बड़ा आंकड़ा सामने आया है। अब तक 2,18,675 व्यक्तियों ने स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ दिया है।
जिला रसद अधिकारी विजेंद्र पाल ने बताया कि 1 नवम्बर 2024 से शुरू हुए अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है।
1166 अपात्रों को नोटिस
अभियान के दौरान 1166 अपात्र लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनसे जल्द ही वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
विभाग अब प्रत्येक उचित मूल्य दुकान पर प्रवर्तन अधिकारी और निरीक्षक द्वारा औचक निरीक्षण कर रहा है।
अपात्र लोगों को चिन्हित कर उनसे वसूली की जाएगी और आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी। — जिला रसद अधिकारी
कौन हैं योजना से निष्कासित श्रेणी में?
सरकार द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार निम्न श्रेणियां खाद्य सुरक्षा योजना के लिए अपात्र मानी गई हैं
- परिवार में कोई आयकर दाता हो
- परिवार का सदस्य सरकारी/अर्द्धसरकारी/स्वायत्तशासी संस्था में कर्मचारी हो
- वार्षिक पारिवारिक आय 1 लाख रुपये से अधिक हो
- परिवार में चार पहिया वाहन हो (जीविकोपार्जन हेतु ट्रैक्टर आदि को छोड़कर)
रोजाना होगी निगरानी
अब प्रत्येक प्रवर्तन अधिकारी रोजाना उचित मूल्य दुकानों पर पहुंचकर अपात्र व्यक्तियों की सूची तैयार करेंगे।
खाद्य विभाग जल्द ही परिवहन विभाग से चार पहिया वाहन स्वामियों का डाटा लेकर सत्यापन करेगा। इसके आधार पर अपात्र लाभार्थियों को नोटिस जारी कर वसूली की जाएगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर अभियान
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य सरकार वंचित वर्गों को योजनाओं का लाभ दिलाने और अपात्र लोगों को हटाने के लिए यह विशेष अभियान चला रही है।
राज्यभर में अब तक 48 लाख 87 हजार लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ा है।
