सीकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी के निर्देश पर जिला स्तरीय जनसुनवाई में प्राप्त एक परिवाद पर राजस्व विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परिवादी रेखा कंवर को राहत प्रदान की है।
मामला विरासत नामांतरण से जुड़ा था, जिसमें प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद आवश्यक दस्तावेजों की प्रक्रिया को गति मिली।
जनसुनवाई में उठाया गया था मामला
जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि परिवादी रेखा कंवर पत्नी स्वर्गीय प्रहलाद सिंह ने गुरुवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई में विरासत नामांतरण दर्ज कराने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार जांच कर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।
राजस्व विभाग की टीम पहुंची ग्राम पंचायत जेरठी
कलेक्टर के निर्देशों की पालना में तहसीलदार सीकर ग्रामीण भीमसिंह सैनी के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ग्राम पंचायत जेरठी पहुंची।
यहां पटवारी हल्का जेरठी को रिकॉर्ड सहित उपस्थित किया गया तथा परिवादी रेखा कंवर को भी मौके पर बुलाया गया।
गांव के गणमान्य लोगों और संबंधित पक्षों की मौजूदगी में रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया।
जांच में सामने आया स्थगन आदेश
जांच के दौरान पता चला कि संबंधित भूमि पर सहायक कलेक्टर न्यायालय सीकर का स्थगन आदेश राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है।
रेखा कंवर द्वारा आवश्यक न्यायालय अनुमति और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे, लेकिन रसाल कंवर का मृत्यु प्रमाण पत्र आवेदन के साथ संलग्न नहीं था।
2012 के रिकॉर्ड से मिली अहम जानकारी
ग्राम पंचायत जेरठी के रिकॉर्ड की जांच में वर्ष 2012 का मृत्यु विवरण प्राप्त हुआ। इसमें रसाल कंवर पत्नी लिछमण सिंह का निधन 21 फरवरी 2012 को दर्ज पाया गया।
इसके आधार पर नियमानुसार मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
“पटवारी ने कोई राशि नहीं मांगी” — रेखा कंवर
राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर रेखा कंवर से किसी प्रकार की लापरवाही या अवैध मांग के संबंध में भी पूछताछ की।
इस पर रेखा कंवर ने स्पष्ट कहा कि पटवारी द्वारा किसी प्रकार की राशि की मांग नहीं की गई।





