सीकर, 3 मई। मध्यस्थता एवं कॉन्सिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी, सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीकर द्वारा नवनियुक्त मध्यस्थों के लिए एक दिवसीय “रोल प्ले” प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जिला न्यायालय, सीकर के कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष रूपा गुप्ता के निर्देशन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रशिक्षक मध्यस्थ बालकृष्ण गोयल और नीरज कुमार भारद्वाज (न्यायिक अधिकारी) द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इस दौरान प्रशिक्षकों का पौधा भेंट कर स्वागत भी किया गया।
मध्यस्थता के जज इंचार्ज वीरेन्द्र कुमार मीणा ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य 55 नवनियुक्त मध्यस्थों-जिनमें 47 अधिवक्ता और 8 सेवानिवृत्त व सेवारत अधिकारी शामिल थे-के कौशल का विकास करना था। साथ ही उन्हें मध्यस्थता की आधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों में मध्यस्थता के सिद्धांतों, प्रायोगिक अभ्यास और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित “रोल प्ले” के माध्यम से विवाद समाधान की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला।
वरिष्ठ प्रशिक्षकों ने अपने संबोधन में मध्यस्थता की बढ़ती महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि आपसी संवाद और सहमति से विवादों का समाधान न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी और सरल बनाता है।
कार्यक्रम के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शालिनी गोयल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उद्घाटन सत्र में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विकास कुमार स्वामी की उपस्थिति भी रही।



