सीकर जिले की ग्राम पंचायत जाचास (पंचायत समिति धोद) में मनरेगा कार्यों में वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद लोकपाल ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं।
लोकपाल (मनरेगा) जिला परिषद सीकर हरिराम ने बताया कि परिवाद संख्या 12/2026-27 में जांच के दौरान दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन में गंभीर अनियमितता सामने आई।
एवजी श्रमिकों की दर्ज की गई उपस्थिति
जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत जाचास में ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक और मेट द्वारा राज्य सरकार के आदेशों और विभागीय दिशा-निर्देशों की पालना नहीं की गई।
नरेगा श्रमिकों के स्थान पर एवजी श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज कराई गई, जिससे 2084.50 रुपये की वित्तीय अनियमितता होना पाया गया।
ग्राम विकास अधिकारी और कनिष्ठ सहायक से होगी वसूली
लोकपाल ने आदेश जारी करते हुए उक्त राशि की वसूली ग्राम विकास अधिकारी और कनिष्ठ सहायक से अनुपातिक रूप से करने के निर्देश दिए हैं।
दोनों से 1042.25-1042.25 रुपये अलग-अलग वसूले जाएंगे।
दोनों कर्मचारियों पर लगा जुर्माना
प्रकरण में सजना, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत जाचास के खिलाफ महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 की धारा 25 के तहत 500 रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई है।
साथ ही उन्हें भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति नहीं करने और नरेगा कार्यों का नियमानुसार निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी प्रकार भगवाना राम, कनिष्ठ सहायक, ग्राम पंचायत जाचास पर भी 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्हें भी वसूली राशि राजकोष में जमा कराने के आदेश दिए गए हैं।
तकनीकी सहायक को दिए गए निर्देश
लोकपाल ने अशोक कुमार जाखड़, कनिष्ठ तकनीकी सहायक, पंचायत समिति धोद को नरेगा कार्यों का नियमानुसार पर्यवेक्षण और निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मेट की आईडी ब्लॉक कर ब्लैकलिस्ट करने के आदेश
लोकपाल ने विकास अधिकारी एवं कार्यक्रम अधिकारी, पंचायत समिति धोद को आदेशित किया है कि नरेगा श्रमिकों के स्थान पर एवजी श्रमिकों की फोटो अपलोड कर उपस्थिति दर्ज करने वाले मेट मुकेश कुमार मीडल की आईडी तत्काल प्रभाव से ब्लॉक की जाए।
साथ ही उन्हें ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
लोकपाल ने जारी किए कार्रवाई के आदेश
लोकपाल हरिराम ने बताया कि परिवाद संख्या 12/2026-27 का निस्तारण करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए गए हैं।





