सीकर जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्यों में वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है।
लोकपाल (मनरेगा) जिला परिषद सीकर हरिराम ने पाटन पंचायत समिति क्षेत्र के एक मामले में तीन कार्मिकों पर शास्ति और वसूली के आदेश जारी किए हैं।
डूंगाकीनांगल ग्राम पंचायत का मामला
यह कार्रवाई परिवाद संख्या 59/2025-26 के तहत की गई। जांच में ग्राम पंचायत डूंगाकीनांगल, पंचायत समिति पाटन में कार्यों के दौरान विभागीय दिशा-निर्देशों और योजना प्रावधानों की पालना नहीं करना पाया गया।
जांच के दौरान 2850 रुपये की वित्तीय अनियमितता प्रमाणित हुई।
तीन कार्मिकों से होगी वसूली
लोकपाल के आदेश अनुसार ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ सहायक और कनिष्ठ तकनीकी सहायक से अनुपातिक रूप से 950-950 रुपये की राशि वसूल कर राजकोष में जमा करवाई जाएगी।
इसके अलावा मनरेगा अधिनियम 2005 की धारा 25 के तहत तीनों कार्मिकों पर 1000-1000 रुपये की शास्ति भी लगाई गई है।
इन कार्मिकों पर हुई कार्रवाई
कार्रवाई की जद में आए कार्मिकों में—
- विनोद कुमार — ग्राम विकास अधिकारी
- विकम सिंह योगी — कनिष्ठ सहायक
- विजेन्द्र कुमार यादव — कनिष्ठ तकनीकी सहायक
शामिल हैं।
दो मेट को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
लोकपाल ने विकास अधिकारी पंचायत समिति पाटन को निर्देश दिए हैं कि मामले में दोषी पाए जाने पर मेट अंजुलता और मेट मीना सैनी की आईडी तुरंत ब्लॉक कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए।
पारदर्शिता पर प्रशासन का जोर
प्रशासन का कहना है कि मनरेगा जैसे जनकल्याणकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।





