स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-2026 के तहत नगर परिषद सीकर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए लगातार नए नवाचार कर रही है। इसी कड़ी में नगर परिषद ने सार्वजनिक सुलभ शौचालयों की नियमित सफाई और धुलाई के लिए मॉड्यूलर प्रेशर पंप का उपयोग शुरू किया है।
इस पहल के तहत शहर के विभिन्न सार्वजनिक शौचालयों की प्रतिदिन सुबह और शाम दो बार विशेष सफाई की जा रही है।
दीवारों और सीटों की हो रही गहन सफाई
नगर परिषद के सफाई कर्मचारी प्रेशर पंप की मदद से शौचालयों की दीवारों, फर्श, सीटों और आसपास के क्षेत्र की गहन धुलाई कर रहे हैं।
इससे शौचालयों में फैली गंदगी और दुर्गंध पर प्रभावी नियंत्रण हो रहा है तथा स्वच्छता व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत हुई है।
शहर की छवि और स्वास्थ्य से जुड़ी है स्वच्छता
नगर परिषद सीकर के वरिष्ठ आयुक्त शशिकांत शर्मा ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहर में स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
“सार्वजनिक शौचालयों की स्वच्छता सीधे शहर की छवि और नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। आधुनिक तकनीकों से सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।” — शशिकांत शर्मा, वरिष्ठ आयुक्त
उन्होंने कहा कि नगर परिषद का उद्देश्य शहर के प्रत्येक सार्वजनिक स्थल को स्वच्छ, सुरक्षित और उपयोगी बनाए रखना है।
आमजन से भी की सहयोग की अपील
नगर परिषद ने नागरिकों से प्लास्टिक की थैलियों का उपयोग बंद करने, गीला और सूखा कचरा अलग रखने तथा कचरा निर्धारित वाहन में ही डालने की अपील की है।
साथ ही सार्वजनिक सुविधाओं का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग कर शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया गया है।
स्वच्छता अभियान लगातार रहेंगे जारी
नगर परिषद प्रशासन के अनुसार शहर में स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान और सफाई गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी।
स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के लिए नगर परिषद आधुनिक तकनीकों और नवाचारों पर विशेष ध्यान दे रही है।





