सीकर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सीकर की अध्यक्ष रूपा गुप्ता एवं सचिव शालिनी गोयल ने शुक्रवार को आरटीओ कार्यालय के पास स्थित मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह, सीकर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुनर्वास गृह में उपलब्ध सुविधाओं और आवासियों की देखभाल संबंधी व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया गया।
मूलभूत सुविधाओं की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने पुनर्वास गृह में रह रहे आवासियों से सीधे संवाद किया और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान विशेष रूप से
- साफ-सफाई व्यवस्था
- शुद्ध पेयजल
- भोजन की गुणवत्ता
- आवासीय सुविधाएं
- चिकित्सा सेवाएं
की समीक्षा की गई।
बुजुर्गों का सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष रूपा गुप्ता ने कहा कि बुजुर्गों का सम्मान भारतीय संस्कृति की मूल पहचान है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास गृह में रहने वाले लोगों को सम्मानजनक जीवन और बेहतर देखभाल उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है।
“बुजुर्गों एवं जरूरतमंद व्यक्तियों के सम्मानजनक जीवन के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।” — रूपा गुप्ता
स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं पर दिए निर्देश
अध्यक्ष ने पुनर्वास गृह के कमरों एवं परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही मौसम के अनुसार आवासियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
विधिक अधिकारों के प्रति किया जागरूक
निरीक्षण के दौरान आवासियों को उनके विधिक अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी प्रकार की निःशुल्क कानूनी सहायता या परामर्श के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सदैव उपलब्ध है।
स्टाफ को दिए आवश्यक निर्देश
न्यायिक अधिकारियों ने संस्थान के संचालक एवं स्टाफ को निर्देशित किया कि आवासियों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए।
साथ ही पुनर्वास से जुड़े कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाकर लाभार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।





