21 से 28 फरवरी तक लगेगा लक्खी मेला, 4000 जवान रहेंगे तैनात
सीकर जिले में स्थित श्री खाटूश्यामजी मंदिर में फाल्गुन लक्खी मेला 21 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा।
मेले की तैयारियों को लेकर संभागीय आयुक्त जयपुर पूनम, जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा और पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक ने खाटूश्यामजी थाना परिसर में समीक्षा बैठक ली।
संभागीय आयुक्त ने कहा कि
“बाबा श्याम के लक्खी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगमतापूर्वक दर्शन हों, इसके लिए सम्पूर्ण व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।”
एक्सपायरी सामान पर सख्त कार्रवाई
जिला कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि:
- एक्सपायरी डेट का सामान बेचने वाले दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
- भंडारे व लंगर आयोजकों की भी नियमित जांच होगी।
- मिलावटी व समयावधि पार खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
‘श्याम सारथी’ ऐप से मॉनिटरिंग
मेले की समग्र मॉनिटरिंग के लिए ‘श्याम सारथी’ पोर्टल/ऐप विकसित किया गया है।
- पार्किंग, मेडिकल कैंप, रूट दर्शन, भंडारों और वाहनों के पास की अनुमति ऑनलाइन।
- 44 डिजिटल स्क्रीन पर लाइव सूचना।
- क्यूआर कोड स्कैन कर श्रद्धालु पार्किंग व रूट जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
परिवहन और यातायात व्यवस्था
- कुल 300 रोडवेज बसों का संचालन।
- 50 बसें रींगस से खाटू रोड पर।
- प्राइवेट बसों का किराया निर्धारित होगा।
- मंडा मोड़ व रींगस खाटू मोड़ से मंदिर तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित।
- ई-रिक्शा के लिए सीमित पास, बिना पास के वाहन जब्त होंगे।
स्वास्थ्य और सुरक्षा इंतजाम
- 14 मेडिकल बूथ स्थापित।
- 8 बाइक एंबुलेंस सहित कुल 31 एंबुलेंस तैनात।
- 4000 जवान बुधवार से तैनात।
- मेला क्षेत्र को 9 सेक्टर में बांटा गया।
- 4 कंट्रोल रूम स्थापित होंगे।
पेयजल व अन्य सुविधाएं
- 1 करोड़ पानी के पाउच की व्यवस्था।
- 25 पानी की टंकियां और अतिरिक्त टैंकर।
- सांवलपुरा पार्किंग का विस्तार।
- नालियों की सफाई, झूलते तारों की मरम्मत, अतिरिक्त कचरा पात्र की व्यवस्था।
इन पर रहेगा प्रतिबंध
- मेला अवधि में श्याम कुंड पूर्णतया बंद रहेगा।
- डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध।
- सरकारी प्रोटोकॉल वाले वीआईपी को छोड़कर VIP दर्शन बंद।
- छोटी कांच की इत्र की शीशियां बेचने पर कार्रवाई।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों का पालन करें और क्यूआर कोड व ऐप का उपयोग कर सुगम दर्शन व्यवस्था में सहयोग करें।
