सरकारी बैठक से पत्रकारों को बाहर जाने के कहने पर बढ़ा विवाद, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
सीकर। जिले के प्रभारी मंत्री संजय शर्मा का सीकर दौरा बुधवार को उस समय विवादों में आ गया जब कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक से पत्रकारों को बाहर जाने के लिए कहा गया।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
पत्रकारों को बाहर जाने के लिए कहा
जानकारी के अनुसार प्रभारी मंत्री संजय शर्मा जिला कलेक्ट्रेट में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे थे।
इसी दौरान उन्होंने बैठक को “सरकारी बैठक” बताते हुए पत्रकारों से बाहर जाने की बात कही।
इस पर बैठक में मौजूद पत्रकारों ने तत्काल विरोध जताया।
पत्रकारों ने किया बहिष्कार
पत्रकारों ने सवाल उठाया कि जब बैठक में भाजपा पदाधिकारी और अन्य लोग मौजूद रह सकते हैं तो मीडिया को बाहर क्यों किया जा रहा है।
विवाद बढ़ने पर पत्रकारों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
बाद में पत्रकारों ने प्रभारी मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी बहिष्कार किया।
“सरकारी बैठक में भाजपा पदाधिकारी क्यों?”
पत्रकारों ने आपत्ति जताई कि कलेक्ट्रेट की सरकारी बैठक में भाजपा पदाधिकारी और अन्य गैर-सरकारी लोग मौजूद थे।
इस पर प्रभारी मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि सरकारी बैठकों में भाजपा पदाधिकारियों के बैठने का “पहले से चलन” रहा है।
जिस पर पत्रकारों ने जवाब दिया कि मीडिया भी वर्षों से ऐसी बैठकों की कवरेज करता आया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
इस विवाद के बीच सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है।
वीडियो में प्रभारी मंत्री अपनी एस्कॉर्ट टीम के एक पुलिसकर्मी को गाड़ी स्टार्ट करने पर फटकार लगाते नजर आ रहे हैं।
हालांकि दूसरी ओर मंत्री स्वयं एस्कॉर्ट और पार्टी पदाधिकारियों के काफिले के साथ सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होते दिखाई दे रहे हैं।
पत्रकारों ने उठाए कई सवाल
मीडिया कर्मियों ने सवाल उठाए कि:
- क्या मंत्री कैमरे की “तीसरी आंख” से डर गए?
- क्या किसी खामी के उजागर होने का डर था?
- सरकारी बैठक में भाजपा कार्यकर्ता रह सकते हैं तो मीडिया क्यों नहीं?
- पारदर्शिता की बात करने वाली सरकार मीडिया से दूरी क्यों बना रही है?
इन सवालों को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है।
पहले भी विवादों में रहा था मामला
गौरतलब है कि इससे पहले तत्कालीन सीकर कलेक्टर मुकुल शर्मा के साथ कथित विवाद को लेकर भी प्रभारी मंत्री संजय शर्मा चर्चा में रहे थे।
अब नए कलेक्टर के आने के बाद उनके सीकर दौरे को लेकर फिर विवाद खड़ा हो गया है।
पत्रकारों में दिखा आक्रोश
पूरे घटनाक्रम के बाद जिले के पत्रकारों में नाराजगी देखने को मिली।
मीडिया कर्मियों का कहना है कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण है और सरकारी बैठकों से पत्रकारों को बाहर रखना पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।





