सीकर शहर को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित प्लास्टिक के कारोबार पर शिकंजा कसा। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल और नगर परिषद सीकर की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया।
कार्रवाई के दौरान 550 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग और सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री बरामद की गई। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों पर 31,600 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
दो नंबर डिस्पेंसरी और कलेक्ट्रेट क्षेत्र में छापेमारी
संयुक्त टीम ने दो नंबर डिस्पेंसरी और कलेक्ट्रेट के सामने स्थित बाजार क्षेत्र में दुकानों और गोदामों की सघन जांच की।
जांच के दौरान कई स्थानों पर प्रतिबंधित प्लास्टिक का भंडारण और बिक्री होती पाई गई। इसके बाद टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए प्लास्टिक सामग्री जब्त कर ली।
मिशन लाइफ और पर्यावरण संरक्षण अभियान के तहत कार्रवाई
यह कार्रवाई प्लास्टिक पर्यावरण संरक्षण अभियान और मिशन लाइफ (Mission LiFE) के तहत की गई। प्रशासन का उद्देश्य शहर में प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक है, इसलिए इसके खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
जिला प्रशासन की सख्त चेतावनी
यह अभियान जिला कलेक्टर आशीष मोदी के नेतृत्व तथा क्षेत्रीय अधिकारी सविता के मार्गदर्शन में संचालित किया गया।
कार्रवाई में राजस्व अधिकारी प्रमोद कुमार सोनी, कनिष्ठ पर्यावरण अभियंता ओजस्व कड़वासरा, सुरेश निठारवाल, कुलदीप सूचना सहायक सहित प्रदूषण नियंत्रण मंडल और नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
प्रतिबंधित प्लास्टिक पर नहीं होगी कोई ढील
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग, भंडारण और वितरण पर किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण हित में कपड़े के थैलों का करें उपयोग
प्रशासन ने आमजन और व्यापारियों से अपील की है कि वे प्लास्टिक बैग के स्थान पर कपड़े, जूट या अन्य पर्यावरण अनुकूल थैलों का उपयोग करें।
इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी बल्कि शहर को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने के अभियान को भी मजबूती मिलेगी।





