Hindi News / Sikar News (सीकर समाचार) / सीकर कलेक्टर बोले: स्मार्ट मीटर से जुड़ी भ्रांतियों पर न दें ध्यान

सीकर कलेक्टर बोले: स्मार्ट मीटर से जुड़ी भ्रांतियों पर न दें ध्यान

सीकर, जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने सोमवार को स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सटीक, पारदर्शी और सुरक्षित बिजली सेवाएं देने की दिशा में एक बड़ा तकनीकी कदम है। उन्होंने कहा कि कुछ भ्रांतियों के चलते आमजन में भ्रम फैलाया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है।


स्मार्ट मीटर क्या है?

स्मार्ट मीटर एक डिजिटल बिजली मीटर है जो रियल टाइम में बिजली खपत को मापता है और यह जानकारी स्वतः डिस्कॉम के सर्वर पर भेज देता है। इसमें प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों विकल्प के साथ मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा, SMS अलर्ट और ऐप आधारित मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं होती हैं।


भ्रांतियां और सच्चाई

1. भ्रांति: स्मार्ट मीटर ज्यादा यूनिट दिखाते हैं
सच्चाई: ये मीटर कैलिब्रेटेड और मानक अनुसार प्रमाणित होते हैं, पारदर्शी डेटा उपलब्ध कराते हैं।

2. भ्रांति: इनसे रेडिएशन होता है
सच्चाई: RF सिग्नल बहुत कम स्तर (milliwatt) पर होते हैं, जो WHO व TRAI की सीमा से नीचे हैं।

3. भ्रांति: छेड़छाड़ कर नुकसान पहुंचाया जा सकता है
सच्चाई: एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन सिस्टम से सुरक्षा पुख्ता होती है। छेड़छाड़ की संभावना नगण्य है।

4. भ्रांति: बिजली खर्च ज्यादा होता है
सच्चाई: मीटर केवल वास्तविक खपत को रिकॉर्ड करता है, उपभोग को बढ़ाता नहीं है। ऐप पर डाटा देख उपयोग घटा भी सकते हैं।


उपभोक्ताओं को मिलेंगी ये सुविधाएं:

  • मोबाइल ऐप व SMS से खपत की जानकारी
  • मैन्युअल और रिमोट रीडिंग सुविधा
  • प्रीपेड व पोस्टपेड ऑप्शन
  • खपत आधारित मासिक बिलिंग
  • शिकायतों की ट्रेसिंग और त्वरित समाधान

जिला प्रशासन का अनुरोध

अधीक्षण अभियंता अरुण जोशी ने आमजन से अफवाहों से बचने और स्मार्ट मीटर को ऊर्जा क्षेत्र के सुधार का हिस्सा मानने की अपील की। उन्होंने बताया कि किसी भी तकनीकी समस्या या शंका की स्थिति में संबंधित सहायक अभियंता कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

Best JEE Coaching Jhunjhunu City
Ravindra School Jhunjhunu City
Prince School, Islampur