सीकर जिले के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, उजीन सिंह का नाडा बेरी में
सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि योजना के अंतर्गत
निर्मित कक्षा-कक्ष का लोकार्पण
पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ
मां सरस्वती के समक्ष पूजा-अर्चना से किया गया।
शिक्षा पर खर्च की सांसद निधि का 50 प्रतिशत
इस अवसर पर सुमेधानंद सरस्वती ने कहा,
अपने कार्यकाल में मैंने सांसद निधि का
50 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा क्षेत्र के लिए स्वीकृत किया था।
उन्होंने विद्यार्थियों को
एकाग्रता, अनुशासन और संस्कारों के साथ शिक्षा ग्रहण करने
का संकल्प दिलाया।
विद्यालय का वातावरण सराहनीय
पूर्व सांसद ने विद्यालय की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि
यदि मुझे पहले ही इस विद्यालय के
उत्तम वातावरण और व्यवस्थाओं की जानकारी होती,
तो एक के बजाय दो कक्षा-कक्ष स्वीकृत करता।
बालिकाओं को पढ़ाई जारी रखने का संदेश
पिपराली सीबीईओ दुर्गा देवी ने कहा कि
अपने माता-पिता की इकलौती संतान होने के बावजूद
उन्होंने शिक्षा जारी रखी
और आज जिला शिक्षा अधिकारी के पद तक पहुंचीं।
उन्होंने विशेष रूप से
बालिकाओं को लक्ष्य तक पहुंचने के लिए पढ़ाई जारी रखने
की प्रेरणा दी।
विद्यालय व क्षेत्र की समस्याएं रखीं
पंचायत समिति प्रतिनिधि किरण मील ने
विद्यालय और क्षेत्र की विभिन्न समस्याएं
पूर्व सांसद के समक्ष रखीं।
ट्यूबवेल स्वीकृति का दिया आश्वासन
सुमेधानंद सरस्वती ने बताया कि
पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल से बात कर
क्षेत्रवासियों के लिए
एक ट्यूबवेल स्वीकृत कराया जाएगा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि
ग्रीष्मावकाश से पहले
विद्यालय के विद्यार्थी
उसी ट्यूबवेल का पानी पी सकेंगे।
बस स्टॉपेज को लेकर सौंपा ज्ञापन
ग्रामवासियों ने
सीकर–नवलगढ़ मार्ग पर
लोकल बस सेवा नहीं होने की समस्या उठाई।
उन्होंने मांग की कि
बेरी धर्मशाला बस स्टैंड पर
सभी डिपो की बसों का ठहराव हो।
ग्रामीणों ने बताया कि
यह मांग पूरी होने पर
15 किलोमीटर के दायरे के लोगों को लाभ मिलेगा।
भामाशाह ने भेंट किया लेक्चर स्टैंड
विद्यालय के
प्रधानाध्यापक राजकमल जाखड़ ने
विद्यालय की व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि
कोलसिया निवासी ओमप्रकाश दूत ने
विद्यालय को स्टील का लेक्चर स्टैंड भेंट किया।
अतिथियों का किया सम्मान
विद्यालय स्टाफ ने
भामाशाह और पूर्व सांसद को
मोमेंटो भेंट कर आभार व्यक्त किया।
गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में
एबीईओ रामनारायण चौधरी,
शिक्षाविद डॉ. नेकीराम आर्य,
प्रधानाचार्य मोहन रैवाड़,
पूर्व प्रधानाचार्य मोहर सिंह जाखड़
सहित सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित रहे।
