सीकर जिले में बाल श्रम और मानव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई। पिपराली रोड स्थित तंदूरी नाइट होटल पर छापेमारी कर चार नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया।
रेस्क्यू के दौरान बच्चों की हालत बेहद खराब मिली। उनके हाथों पर कई जगह जलने के निशान पाए गए।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई मानव तस्करी विरोधी यूनिट प्रभारी सुनीता बायल के निर्देशन में की गई।
संयुक्त टीम में उद्योग नगर थाना पुलिस, जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस और गायत्री सेवा संस्थान के सदस्य भी शामिल रहे।
सूत्रों के अनुसार लंबे समय से होटल में नाबालिग बच्चों से अवैध रूप से काम करवाए जाने की सूचना मिल रही थी।
14 से 15 घंटे तक करवाया जाता था काम
जांच में सामने आया कि सभी बच्चे दूसरे राज्यों के निवासी हैं और उनसे प्रतिदिन करीब 14 से 15 घंटे तक लगातार काम करवाया जाता था।
बच्चों से सुबह 9 बजे से लेकर देर रात 11 से 12 बजे तक होटल में काम लिया जाता था।
तंदूर के पास काम करने से जले हाथ
रेस्क्यू के दौरान टीम ने देखा कि बच्चे लगातार तंदूर और गर्म उपकरणों के बीच काम कर रहे थे।
इसी कारण उनके हाथ कई जगह से जले हुए पाए गए, जो उनकी कठिन परिस्थितियों को दर्शाते हैं।
“बच्चों को बेहद खराब परिस्थितियों में रखा गया था और उनसे लंबे समय तक श्रम करवाया जा रहा था।” जांच टीम
रहने की व्यवस्था भी नहीं थी
टीम ने पाया कि बच्चों के रहने की समुचित व्यवस्था भी नहीं थी। उन्हें होटल की ऊपरी मंजिल पर असुविधाजनक हालात में रखा गया था।
मेडिकल जांच और काउंसलिंग
रेस्क्यू के बाद सभी बच्चों का मेडिकल परीक्षण करवाया गया।
इसके बाद उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के आदेश पर चारों बच्चों को कस्तूरबा सेवा संस्थान में अस्थायी आश्रय दिया गया है।
यहां बच्चों के भोजन, सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास की व्यवस्था की गई है।
होटल संचालक पर मामला दर्ज
प्रशासन ने होटल संचालक के खिलाफ बाल श्रम निषेध एवं विनियमन अधिनियम, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
बाल श्रम के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं ने कहा कि सीकर जिले में बाल श्रम और मानव तस्करी के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।





