सीकर, देवस्थान विभाग, राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार जिला प्रशासन एवं नगर परिषद सीकर के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को जिलेभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना एवं मंगलकामना कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला स्तरीय कार्यक्रम माधव सागर (बड़ा तालाब) स्थित श्री बोलता बालाजी मंदिर में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और जनकल्याण की कामना की।
बोलता बालाजी मंदिर में हुआ जिला स्तरीय आयोजन
श्री बोलता बालाजी मंदिर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिला कलक्टर आशीष मोदी, पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी, अतिरिक्त जिला कलक्टर रतन कुमार स्वामी, भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज बाटड, नगर परिषद आयुक्त शशिकांत शर्मा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजपाल यादव सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। कार्यक्रम के अंत में आरती एवं प्रसाद वितरण भी किया गया।
सुख-समृद्धि और पर्यावरण संरक्षण की कामना
विशेष पूजा-अर्चना के दौरान जिले एवं प्रदेश की खुशहाली, सामाजिक सद्भाव, उत्तम स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रार्थनाएं की गईं।
जिला कलक्टर आशीष मोदी ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, आध्यात्मिक चेतना और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देते हैं।
“धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम समाज में जनकल्याण की भावना को मजबूत करते हैं तथा लोगों को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।” – आशीष मोदी, जिला कलक्टर
सभी उपखंडों में भी हुए विशेष कार्यक्रम
देवस्थान विभाग के निर्देशानुसार जिले के सभी उपखंडों में प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
- दांतारामगढ़ – श्री खाटूश्यामजी मंदिर एवं हर्षनाथ मंदिर
- लक्ष्मणगढ़ – श्री रघुनाथजी का बड़ा मंदिर
- रींगस – श्री मुरली मनोहरजी मंदिर, सिद्धिविनायक मंदिर एवं आमली वाले बालाजी मंदिर
- फतेहपुर – आसाराम मंदिर
- रामगढ़ – श्याम मंदिर
- श्रीमाधोपुर – श्री गोपीनाथजी मंदिर
- धोद – सोमोलाई बालाजी मंदिर
- खंडेला – शिव सेवालय
इन सभी धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं ने देश और प्रदेश की खुशहाली, शांति और समृद्धि के लिए पूजा-अर्चना की।
बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मंदिर परिसरों में भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। सामूहिक प्रार्थना और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से जनकल्याण एवं सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया।





