सीकर में राज्य सरकार के “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत सोमवार को स्मृति वन में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में यूडीएच राज्यमंत्री झाबर सिंह खर्रा ने पौधारोपण और सरोवर पूजन कर अभियान का शुभारंभ किया।
स्मृति वन में हुआ पौधारोपण
कार्यक्रम के दौरान यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा, जिला प्रभारी सचिव सुबीर कुमार, जिला कलेक्टर आशीष मोदी और पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नुनावत ने पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस दौरान मंत्री खर्रा ने पीपल, प्रभारी सचिव ने अशोक और जिला कलेक्टर ने गूलर का पौधा लगाया।
सरोवर पूजन और श्रमदान
अतिथियों ने स्मृति वन स्थित सरोवर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजन किया और श्रमदान में भी भाग लिया।
वहीं राजीविका समूह की महिलाओं ने मंगल गीतों के साथ कलश यात्रा निकालकर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी जरूरत: खर्रा
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि बढ़ता तापमान और जल संकट मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते जल संरक्षण के प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भयावह स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि जितने अधिक पेड़ लगाए जाएंगे और उनका संरक्षण होगा, उतना ही पर्यावरण संतुलित रहेगा।
31 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
जिला प्रभारी सचिव सुबीर कुमार ने बताया कि जिले में इस वर्ष 31 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें एक लाख मोरिंगा (सहजन) के पौधे भी शामिल हैं।
उन्होंने जलस्तर बढ़ाने के लिए 50×50 आकार के सोक पिट निर्माण को उपयोगी बताते हुए जनसहभागिता आधारित संरक्षण गतिविधियों पर जोर दिया।
जल संरक्षण की दिलाई शपथ
कार्यक्रम के दौरान यूडीएच मंत्री खर्रा ने उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज जल और वृक्षों को देवतुल्य मानते थे और हमें भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाना होगा।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, पूर्व विधायक रतन जलधारी, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, एडीएम रतन कुमार स्वामी, जिला परिषद सीईओ राजपाल यादव, यूआईटी सचिव जेपी गौड़ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पर्यावरण प्रेमी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।





