सीकर, राजस्थान सरकार शेखावाटी क्षेत्र में स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यमुना जल परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है।
इसी क्रम में जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने उत्तराखंड स्थित निर्माणाधीन लखवार बांध परियोजना का निरीक्षण किया।
बांध और सुरंग निर्माण कार्यों की समीक्षा
मंत्री ने परियोजना के अंतर्गत चल रहे बांध निर्माण, सुरंग निर्माण और जल भंडारण क्षमता का जायजा लिया।
उन्होंने उत्तराखंड और राजस्थान सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक कर परियोजना की वर्तमान प्रगति और राजस्थान को मिलने वाले जल लाभों की समीक्षा की।
शेखावाटी तक यमुना जल पहुंचाने पर फोकस
जल संसाधन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यमुना जल को शेखावाटी अंचल तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि बजट 2026-27 में इस परियोजना से जुड़े कार्यों के लिए 32 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
राजस्थान को मिलेगा 30.91 एमसीएम जल
अधिकारियों के अनुसार लखवार परियोजना की कुल भंडारण क्षमता 331 एमसीएम निर्धारित है।
इसमें राजस्थान को अपनी हिस्सेदारी के अनुसार लगभग 30.91 एमसीएम जल प्राप्त होगा, जिससे शेखावाटी क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के लिए करोड़ों रुपये जारी
मंत्री ने बताया कि परियोजना में राजस्थान सरकार की वित्तीय हिस्सेदारी के तहत अब तक मांग के अनुसार लगभग 53 करोड़ रुपये उत्तराखंड सरकार को जारी किए जा चुके हैं।
केंद्र सरकार इस परियोजना के जल घटक पर 90 प्रतिशत सहायता उपलब्ध करा रही है।
रेणुका और किसाऊ परियोजनाओं पर भी चर्चा
मंत्री ने हिमाचल प्रदेश में निर्माणाधीन रेणुका बांध परियोजना और प्रस्तावित किसाऊ परियोजना की भी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि रेणुका परियोजना से राजस्थान को लगभग 46.50 एमसीएम और किसाऊ परियोजना से लगभग 123.64 एमसीएम जल मिलने का प्रावधान है।
हथिनीकुंड बैराज का अहम रोल
रावत ने कहा कि वर्ष 1994 के यमुना जल समझौते के तहत राजस्थान को यमुना जल में 9.338 प्रतिशत हिस्सेदारी आवंटित की गई है।
उन्होंने बताया कि हथिनीकुंड बैराज यमुना जल वितरण का प्रमुख केंद्र है, जहां से विभिन्न राज्यों को समझौते के अनुसार जल दिया जाता है।
अधिकारियों को दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निर्माण कार्यों को गुणवत्ता, सुरक्षा और समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने परियोजनाओं से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक मामलों में निरंतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया।




