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24 कोसी परिक्रमा में दुर्गम नीमड़ी की घाटी से परिक्रर्माथियों का जत्था पहुंचने लगा लोहार्गल

460 पुलिसकर्मियों के जिम्मे लोहार्गल मेले की संपूर्ण सुरक्षा

परिक्रमा की अगुवाई कर रही ठाकुर जी की पालकी लोहार्गल पहुंचते ही हुआ लक्खी मेला शुरू

श्रद्धालुओं को भंडारे में बाजरे की रोटी बनाकर खिलाई

लकी मेल पर लोहार्गल के सभी मंदिरों को रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया

रात भर जगह-जगह मंदिरों में भयेगी भजनों की रस गंगा

उदयपुरवाटी. 24 कोसी परिक्रमा के दौरान दुर्गम घाटियों में मालकेतु बाबा के जयकारों से श्रद्धालुओं के ना थकान और नहीं मन में किसी तरह का डर, बस एक ही मंजिल, एक ही चाहत की मालकेतु बाबा की परिक्रमा पूरी हो। सभी के मन के अंदर ऐसे ही भाव लिए लाखों श्रद्धालुओं की कतारबद्ध भीड़ गुरुवार को खोरीकुंड से लोहार्गल तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इन दुर्गम घाटियों में जगह-जगह स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा निःशुल्क भंडारे लगाए गए। जहां सेवा भावी लोगों के द्वारा परिक्रमा में आए श्रद्धालुओं की सेवा में कोई कमी नहीं रही। जगह-जगह परिक्रमा के दौरान आने वाले मंदिरों में भजनों का रसपान गायक कलाकारों द्वारा करवाया गया। रघुनाथगढ़ में रात भर भजन सम्राट प्रकाश दास जी महाराज द्वारा भजनों की रस गंगा बहाई गई। जहां पर लाखों श्रद्धालुओं ने भजनों झुमने पर मजबूर हुए। मालकेतु बाबा की 24 कोसी परिक्रमा के दौरान बुधवार को किरोड़ी से रघुनाथगढ़ तक अर्थात किरोड़ी, कोट बांध, शाकंभरी, नाग कुंड, भगोवा, टपकेश्वर, खाकी अखाड़ा, शोभावती, नीम की घाटी, ढ़ाब पनोरा, रघुनाथगढ़, रामपुरा नदी सहित परिक्रमा रास्ते पर भजन कलाकारों द्वारा भजनों का रसपान के साथ-साथ भंडारे में जहां पर लाखों श्रद्धालुओं ने प्रसाद प्ग्रहण किया। वहीं राजोरिया भजन पार्टी उदयपुरवाटी के सौजन्य से गायकर राधेश्याम सैनी द्वारा परिक्रमा क्षेत्र में जो प्राचीन जलधारों, लोहार्गल कथा व संत महात्माओं की तपस्वी स्थल व मंदिर के बार में कथा व भजनो के माध्यम से एक से बढ़कर एक भजन एवं कथा का वाचन श्रद्धालुओं को सुनाया गया। भजन पार्टी के सदस्य ने बताया कि तीन दिन से लगातार 24 कोसी परिक्रमा में मालकेतु बाबा के चरणों में दिन-रात भजनों के माध्यम से गायकर राधेश्याम सैनी परिक्रमा के दौरान आने वाले समस्त स्थलों की कथा एवं भजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को जानकारी दे रहे हैं।

जगह-जगह लगे भंडारों में स्वयं सेवी संस्थाओं के कार्यकर्ताओं द्वारा सेवा का जज्बा कम नहीं है। लोहार्गल लक्खी मेला क्षेत्र में आने वाले सभी मंदिरों को रोशनी से सजाया गया है। जानकारी के अनुसार लक्खी मेले के दौरान सूर्य मंदिर, लक्ष्मी नारायण मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, प्राचीन पांच पांडव मंदिर, शिव महादेव मंदिर, गणेश मंदिर, गोपार मंदिर, प्राचीन ठाकुर जी मंदिर, सुखदेव जी मंदिर, बांके बिहारी मंदिर, वनखंडी बाबा, मालकेतु बाबा का मंदिर, नरसिंह जी का मंदिर, रघुनाथ जी का मंदिर, चेतन दास जी की बावड़ी सहित आसपास के मंदिर स्थलों को रोशनी से सजाया गया है। लोहार्गल मेला परिसर में चतुर्दशी होने पर दर्जनों स्थानों पर भजन कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। जहां पर मेले के दौरान भजन गायकार अपनी सेवाएं देंगे। जहां पर श्रद्धालु नाचेंगे, गाएंगे, झूमेंगे भी। रामपुरा नदी, चेतन दास बावड़ी स्थित गोपाल मंदिर, शिव गोरा मंदिर, भ्रगु आश्रम, बाबा गोपाल दास सेवा समिति, सामुदायिक हाल, ज्ञान वापी स्थित गणेश मंदिर, रामदेव मंदिर, जाट धर्मशाला, सैनी मंदिर, भगवान मीन मंदिर में भी भजन संध्या कार्यक्रम आयोजित होंगे। लोहार्गल के इस लक्की मेले में अमावस्या के दौरान पुलिस व्यवस्था के भी माकुल इंतजाम है। थाना अधिकारी सुरेंद्र मलिक के अनुसार पुलिस के लगभग 460 से अधिक जवानों को सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के लिए तैनात किया गया है। जिसमें आरएससी के जवान भी शामिल हैं। ये सभी पुलिसकर्मी तीन पारियों में अपनी सेवाएं देंगे। पुलिस व्यवस्था प्रभारी एएसपी गिरधारी लाल शर्मा तथा सह प्रभारी डीएसपी आनंद राव होंगे। वार्षिक मेले के दौरान तैनात पुलिसकर्मी अपनी सतर्कता से मेले में किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हो साथ ही मेले के दौरान हर परिस्थितियों से निपटने के लिए जगह जगह पुलिस की वर्दी में तथा सादा वर्दी में जवान तैनात किए गए हैं।

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