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सकराय धाम शाकंभरी मैया की तीन हजार फीट लंबी चुनरी यात्रा कल

17 किलोमीटर पैदल चलकर हजारों श्रद्धालु करेंगे मां शाकंभरी को चुनरी अर्पित

शाकम्भरी माता के प्राकट्य दिवस पर होंगी 10वीं पैदल यात्रा

उदयपुरवाटी, क्षेत्र का धार्मिक तीर्थ स्थल अरावली की पाहाड़ियों में स्थित माता शाकम्भरी के प्राकट्य दिवस पर दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम रविवार से शुरू हो गया। शाकम्भरी कुटुंब परिवार के सौजन्य से निकलने वाली चुनरी यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। रविवार को सभी छ: सौ चुनरियों की सिलाई करके दो रॉल तैयार किए गए। दोनों रॉल को माता शाकम्भरी के प्राकट्य दिवस पर हजारों श्रद्धालु सोमवार को मां ब्राह्मणी व रूद्राणी को अर्पित करेंगे। श्री शाकंभरी कुटुंब परिवार के कार्यक्रम आयोजक मूलचंद सैनी ने बताया कि माता का दो दिवसीय कार्यक्रम रविवार दोपहर 1:00बजे से झुंझुनूं रोड़ स्थित गणपति मैरिज गार्डन में रॉल उत्सव व मंगलपाठ के साथ कार्यक्रम शुरू हुआ। मंगलपाठ का वाचन गायककार गायत्री शर्मा जयपुर, मोनिका अग्रवाल कोलकाता, सुनिता अग्रवाल, ज्योति अग्रवाल सिलीकुड़ी, अंबिका महमिया चिड़ावा अपने मुखारबिंद से करेगें। श्री शाकंभरी कुटुंब परिवार समिति के सदस्यों ने बताया कि सोमवार को प्रातः 10:00बजे से गणपति मैरिज गार्डन से लगभग दो किलोमीटर लंबी चुनरी यात्रा का शुभारंभ होगा। गणपति मैरिज गार्डन से हजारों श्रद्धालुओं की पैदल यात्रा जमात, चूंगी नं.03, नई सब्जी मंडी, घुमचक्कर, शाकम्भरी गेट होते हुए सकराय धाम पहुंचेगी। यात्रा में ढ़ोल नगाड़े, पुष्प वर्षा, रथ पर सवार माता शाकम्भरी की प्रतिमा, घोड़ी पर सवार माता दुर्गा व सरस्वती की झांकी, डीजे, विभिन्न स्वागत द्वार, रणभेरी, सम्पूर्ण यात्रा पर ड्रोन से निगरानी आदि मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेगा। सुभाष अग्रवाल कोलकाता ने बताया कि 6सौ चुनरियों को जोड़कर करीब दो किलोमीटर की 2 चुनरियां तैयार की गई। चुनरियों में देश-विदेश से महिला भक्तों ने हाथों से बुटियां लगाकर भावों को पिरोहकर तैयार किया है। यात्रा में राजस्थान सहित बंगाल, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, बंगाल, झारखंड, तमिलनाडू, छतीसगढ़, बिहार, नेपाल, वीरगंज, काठमांडू सहित आसपास के भक्त यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। यात्रा में चाय, पानी, नमकीन, गाजर, मठी, मूली, कैला, सेव, ड्राई फूट व समापन पर भंडारे की व्यवस्था निःशुल्क रहेंगी। भंडारे में श्रद्धालु प्रसादी ग्रहण कर बसों द्वारा अपने-अपने गंतव्य स्थान के लिए प्रस्थान करेंगे।

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