Rajasthan PTI Teacher Dismissed : राजस्थान से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दे की एक साथ 18 PTI शिक्षकों को बर्खास्त करने के निर्देश जारी हुए है।
अधिक जानकारी के लिए बता दे की यह कार्रवाई राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में की गई है और जिला शिक्षा अधिकारी जयदीप पुरोहित ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
इस वजह से हुई कार्रवाई
अधिक जानकारी के लिए बता दे की इन शिक्षकों ने आवेदन के समय जो डिग्री दिखाई थी, वह बाद में जमा कराए गए दस्तावेज से मेल नहीं खा रही थी।
बता दे की मामला ग्रेड थर्ड पीटीआई भर्ती-2022 का है। निदेशालय से प्रदेश के कुल 35 PTI की लिस्ट आई थी।
इसमें से 19 बांसवाड़ा के थे। 1 मामले की गहन जांच के लिए संयुक्त निदेशक उदयपुर को भेजा गया है। इन सभी शिक्षकों को अक्टूबर 2023 में पोस्टिंग मिली थी।
जिला अधिकारी के अनुसार
जयदीप पुरोहित ने कहा- कर्मचारी चयन बोर्ड ने इन अभ्यर्थियों को अपनी बात रखने का एक मौका भी दिया था। बोर्ड की सुनवाई में संतोषजनक जवाब और सही दस्तावेज पेश नहीं करने पर बोर्ड ने इनकी पात्रता को गलत माना और शिक्षा निदेशक को इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
जिले के अलग-अलग स्कूलों में कार्यरत थे शिक्षक
पुरोहित ने बताया कि बर्खास्त किए गए शिक्षक जिले के अलग-अलग स्कूलों में तैनात थे। इनमें मुख्य रूप से सज्जनगढ़, गांगड़तलाई, बागीदौरा, आनंदपुरी क्षेत्र के स्कूल में तैनात थे।
निदेशालय से शुक्रवार (17 अप्रैल) को आदेश मिलने के बाद 2 दिनों के भीतर सभी संबंधित स्कूलों के प्रिंसिपल्स को बुलाकर इन शिक्षकों की बर्खास्तगी के आदेश थमा दिए गए।
मामले में कर्मचारी चयन बोर्ड के निर्देशों पर कार्रवाई की गई है। निदेशालय से सूची दी गई थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
हाईकोर्ट के निर्देश पर बनाई थी जांच कमेटी
पुरोहित ने बताया कि शुरुआती जांच में ही इन अभ्यर्थियों की डिग्री मिसमैच पाई गई थी, लेकिन ये अभ्यर्थी निदेशालय के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए।
कोर्ट के निर्देशों पर 3 सदस्यीय कमेटी बनाई गई। इस कमेटी ने जांच की, जिसमें भी इन अभ्यर्थियों की डिग्री मिसमैच पाई गई। इसके बाद इन सभी के बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए।
साल 2022 में निकली थी भर्ती
बता दें कि साल 2022 में 5546 पदों पर पीटीआई की भर्ती निकाली गई थी। सफल अभ्यर्थियों की डिग्री और अन्य दस्तावेज का वेरिफिकेशन किया गया, जिसमें कई दस्तावेज फर्जी या मिसमैच पाए गए थे। इसके बाद एसओजी ने जांच के बाद 165 से ज्यादा अभ्यर्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया था। इसमें पूर्व में 134 से ज्यादा शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके हैं।



