Rajasthan ACB Action : राजस्थान में एक के बाद एक ACB का बड़ा एक्शन देखने को मिल रहा है। वहीँ अब जो खबर सामने आ रही है उसने सब को हैरान कर दिया है।
जानकारी के लिए बता दे की राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार रात झुंझुनूं के बग्गड़ इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राकेश कुमार (XEN Rakesh Kumar) और दलाल याकूब अली (Yakub Ali) को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.
ये दोनों जमीन बचाने के लिए बाईपास सड़क का नक्शा (अलाइनमेंट) बदलने के नाम पर 33 लाख रुपये की रिश्वत ले रहे थे.
50 लाख में तय हुआ सौदा
अधिक जानकारी के लिए बता दे की एसीबी के एडिशनल एसपी संदीप सारस्वत ने बताया कि पीड़ित की जमीन बग्गड़ बाईपास के रास्ते में आ रही थी. पीड़ित ने 10 दिन पहले शिकायत दी थी कि सड़क का रास्ता बदलने के बदले किठाना निवासी दलाल याकूब अली और एक्सईएन राकेश कुमार 75 लाख रुपये मांग रहे हैं.
जब एसीबी ने शिकायत का सत्यापन करवाया, तो पीड़ित ने दलाल से पैसे कम करने की गुजारिश की, जिसके बाद सौदा 50 लाख रुपये में पक्का हो गया.
शुक्रवार रात को एक्शन
अधिक जानकारी के लिए बता दे की शुक्रवार रात को याकूब अली ने पीड़ित को रिश्वत की पहली किश्त लेकर जयपुर के सीकर रोड स्थित चौमूं पुलिया पर बुलाया. जैसे ही पीड़ित ने दलाल याकूब को 33 लाख रुपये दिए, पास में जाल बिछाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे तुरंत दबोच लिया.
एक्सईएन ऐसे आया पकड़ में
अधिक जानकारी के लिए बता दे की गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम ने दलाल याकूब से ही एक्सईएन राकेश कुमार को फोन करवाया. याकूब ने एडिशनल एसपी के सामने ही राकेश को फोन कर पैसे मिलने की जानकारी दी. जैसे ही पुष्टि हुई, एसीबी की दूसरी टीम ने चिड़ावा से एक्सईएन राकेश कुमार को भी हिरासत में ले लिया.ACB Action
सरकारी नोटिफाइड कंपनी का मालिक है दलाल
पकड़ा गया आरोपी याकूब अली वैशाली नगर में ‘झुंझुनूं इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से कंपनी चलाता है. यह सरकार की एक नोटिफाइड कंपनी है. खास बात यह है कि बग्गड़ में स्टेट हाईवे को जोड़ने वाले बाईपास का अलाइनमेंट बनाने का काम भी इसी कंपनी के पास था. इसी ताकत का फायदा उठाकर याकूब अधिकारियों के लिए दलाली कर रहा था.
नए नाम भी आ सकते है सामने
अधिक जानकारी के लिए बता दे की एसीबी की टीम अब दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच कर रही है. विभाग इस बात का भी पता लगा रहा है कि 33 लाख रुपये की यह बड़ी रकम और किन-किन अधिकारियों के बीच बंटने वाली थी. इस मामले में कुछ और बड़े अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में है.ACB Action
