Rajasthan Pension Update : राजस्थान से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दे की एक बेटे के संघर्ष ने पिता की उम्र लम्बी कर दी है। जानकारी के लिए बता दे की एक पिता की रुकी हुई पेंशन दिलवाने के लिए बेटे ने 29 साल संघर्ष किया है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने पेंशन की बहाल
अधिक जानकारी के लिए बता दे की इसके लिए बेटे ने वकालत की और लम्बा संघर्ष भी किया । इसके बाद पिता का केस संभाला और बेटे ने 4 साल केस लड़कर पिता को न्याय दिलाया। राजस्थान हाईकोर्ट (Highcourt) की जोधपुर मुख्यपीठ ने बीएसएफ के पूर्व जवान रामजी लाल (58) की 29 साल रुकी हुई पेंशन बहाल की।
भुगतान तीन महीने में करने के निर्देश
अधिक जानकारी के लिए बता दे की जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की एकल पीठ ने 2 अप्रैल को सुनवाई कर फैसला दिया। इस फैसले में याचिकाकर्ता को पेंशन पेमेंट ऑर्डर (पीपीओ) जारी करने और सभी बकाया राशि का भुगतान तीन महीने में करने के निर्देश दिए।
इस कानूनी लड़ाई का सबसे प्रेरणादायक पहलू यह रहा कि विचित्र चौधरी ने अपने पिता को न्याय दिलाने के संकल्प के साथ वर्ष 2019 में वकालत की पढ़ाई पूरी की और खुद ही उनकी केस की पैरवी की।
यहाँ समझिये पूरा मामला
अधिक जानकारी के लिए बता दे की याचिकाकर्ता रामजी लाल (58) पुत्र झुहारा राम निवासी हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील के गांव ललाना के हैं। उन्होंने बीएसएफ में कॉन्स्टेबल के रूप में 10 वर्ष सेवा देने के बाद स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली।Rajasthan Pension
प्रकरण के अनुसार- रामजी लाल ने BSF रूल्स-1969 के नियम 19 के अंतर्गत अपना त्यागपत्र दिया था। इसे विभाग ने 6 दिसंबर 1997 को स्वीकार कर लिया था। Rajasthan Pension
याचिकाकर्ता ने सीसीएस (पेंशन) रूल्स के तहत अनुपातिक पेंशन की मांग की थी। इसके लिए सरकार के 27 दिसंबर 1995 के उस आदेश का संदर्भ दिया गया, जिसमें पेंशन पात्रता की न्यूनतम सेवा सीमा को 20 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष कर दिया गया था।
इसी आधार पर रामजी लाल का पेंशन भुगतान आदेश (PPO) 6 दिसंबर 1997 को जारी भी हो गया था, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण वे तीन दशक तक इस लाभ से वंचित रहे।



