8th pay commission: केंद्र सरकार के कर्मचारी आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
सरकार को 2027 की पहली छमाही में वेतन आयोग की सिफारिशें मिलने की उम्मीद है।
वेतन आयोग की सिफारिशें मिलने के बाद सरकार इसे पिछली तारीख से लागू कर सकती है।
यह अनुमान है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें मई 2027 तक आ सकती हैं, लेकिन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी।
अगर ऐसा होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों को 17-18 महीने का बकाया मिलने की उम्मीद है।
कर्मचारियों के बकाया का भुगतान एकमुश्त या किश्तों में किए जाने की संभावना है।
7वें वेतन आयोग का कार्यकाल दिसंबर 2025 तक था।
7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो रहा है। हालांकि, केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था।
अर्थात्, सातवें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त होने से पहले आठवें वेतन आयोग का गठन किया गया था।
वेतन आयोग की टीम अब अपने काम में लगी हुई है . 8th pay commission
काम पर लग गया वेतन आयोग
आयोग की एक टीम इस महीने के आखिर में देहरादून का दौरा करने वाली है। भारत सरकार ने घोषणा की है कि 8वें वेतन आयोग की एक टीम 24 अप्रैल, 2026 को देहरादून, उत्तराखंड का दौरा करेगी।
इसका मकसद विभिन्न क्षेत्रों से सुझाव और जानकारी एकत्र करना है। 30 मार्च, 2026 को जारी एक आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार जो हितधारक वेतन आयोग के साथ बातचीत करना चाहते हैं, वे अपॉइंटमेंट मांग सकते हैं।
बैठक का अंतिम स्थान और कार्यक्रम अलग से साझा किया जाएगा। बीते फरवरी महीने में वेतन आयोग ने एक वेबसाइट भी लॉन्च किया था। 8th pay commission
इस वेबसाइट पर कर्मचारियों, पेंशनर्स और संगठनों से सुझाव मांगे गए हैं और पोर्टल के माध्यम से 30 अप्रैल 2026 तक फीडबैक लिया जा रहा है।
यह प्रक्रिया सुनिश्चित करेगी कि सिफारिशें व्यावहारिक और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार हों।
क्या होगा वेतन आयोग का काम?
बीते दिनों वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में लिखित जवाब में स्पष्ट किया कि वेतन आयोग केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन संरचना, विभिन्न भत्तों, पेंशन और अन्य मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा।
ऐसा माना जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग लागू होने पर पुराना डीए बेसिक सैलरी में मर्ज हो जाएगा और नई गणना शून्य से शुरू होगी। 8th pay commission
इससे कर्मचारियों को महंगाई से बेहतर सुरक्षा मिलेगी। कर्मचारी संगठन 50 प्रतिशत डीए को बेसिक में मर्ज करने की मांग कर रहे हैं, जिससे अंतरिम राहत मिल सके।
