Rajasthan News : दौसा जिले की मंडावरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इलाके में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक शाखा में 30 लाख रुपये के गबन के मामले को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है।
बैंक के कैशियर विनोद कुमार मीणा और संविदा कर्मचारी वीरेंद्र कुमार शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार, दोनों पर फर्जी वाउचर के साथ एक फर्म के खाते से 30 लाख रुपये के गबन का आरोप है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।
शिकायतकर्ता गिरराज प्रसाद ने 25 मार्च, 2026 को मंडावरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उनकी एक फर्म है जिसका नाम पुरुषोत्तमलाल-पवन कुमार है।
बिना उनकी जानकारी या सहमति के उनकी फर्म के बैंक खाते से 30 लाख रुपये निकाल लिए गए। पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
आरोपियों ने 13 नवंबर, 2025 को नकली वाउचर तैयार करके विभिन्न खातों में 23 लाख रुपये और 20 नवंबर, 2025 को 7 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
पूरी घटना नकली दस्तावेजों के आधार पर की गई थी, जिसमें बैंक की आंतरिक प्रक्रियाओं का दुरुपयोग किया गया था। पुलिस की जांच में पता चला कि दोनों के बीच सांठगांठ थी।
उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से बैंक की प्रणाली का लाभ उठाकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
बैंक कर्मचारियों द्वारा अपने ही ग्राहक के खाते से इस तरह का उल्लंघन न केवल विश्वासघात है, बल्कि पूरी बैंकिंग प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाता है।
शाखा प्रबंधक की भूमिका भी जांच में
उच्च अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई यह कार्रवाई जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश (IPS) और दौसा एसपी सागर राणा (IPS) के निर्देशन में की गई. मंडावरी थाना पुलिस ने टीम बनाकर आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस अब SBI शाखा प्रबंधक की भूमिका की भी जांच कर रही है. मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा रहा है.
