Rajasthan News : राजस्थान पुलिस का एक अलग अंदाज देखने को मिला है। बता दे की उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी थी, लेकिन अगर पुलिसकर्मी सफ़ा बांधकर, ढोल की ताल पर रंगीन थाली सजाकर शादी में पहुंचते, तो दृश्य अलग होता। मामला शादी थाने की कुक के बेटे से संबंधित है। जब उसका भाई मायरा के साथ नहीं पहुंचा, तो पुलिसकर्मी अपना कर्तव्य निभाते हुए मायरा के साथ पहुंचे।
उदयपुर के प्रतापनगर पुलिस स्टेशन से जुड़ा हुआ है। लगभग 25 वर्षों से पुलिस थाने में पुलिसकर्मियों के लिए खाना पकाने और सफाई करने वाली मीराबाई के बेटे मुकेश गायरी की शादी का आयोजन किया गया था। पुलिस अधिकारी सहित पूरी टीम रविवार को सुंदरबास में मीराबाई के आवास पर पहुंची।
पुलिस ने भरा 1.11 लाख रुपए का मायरा
इतने सालों तक मीराबाई के हाथों से खाना खाने वाले पुलिसकर्मियों का दिल ऐसी पसीजा के भाइयों का कर्तव्य निभाने में पीछे नहीं रहा। पुलिसकर्मियों ने 1.11 लाख रुपए का मायरा भरा। जब पुलिस स्टेशन के सभी पुलिसकर्मी पहुंचे तो मीराबाई भावुक हो गईं। उनके परिवार वालों ने माला पहनकर उनका स्वागत किया। पुलिस अधिकारी पूरन सिंह राजपुरोहित ने मीराबाई को चुनर उड़ाया।
शादी के एक साल बाद उसने अपने पति को खो दिया
मीराबाई के तीन भाई हैं, जिनमें से दो भाई किसी पारिवारिक विवाद के कारण नाराज हैं। वे शादी में शामिल नहीं हुए। इस घटना में थाने की एस. आई. रेणु खोइवाल को पता चलता है तो उन्हें काफी दुःख पहुँचता है। उन्होंने उसी समय कह दिया था कि ‘मीरा, चिंता मत करो, तुम्हारे भाई आएंगे और ऐसा मायरा लाएंगे कि तुम भी याद रखोगी
मीराबाई थाने में 25 साल से सेवाएं दे रही है
एसआई रेणू खोईवाल ने बताया कि मीराबाई थाने में 25 साल से सेवाएं दे रही है। वे मां की तरह ख्याल रखती है। सभी को मनुहार करके खाना परोसती है। उसके हाथा से बने खाने में मां का प्यार झलकता है। ऐसे में भला मीरा को अकेले कैसे छोड़ देते। पहल करके थानाधिकारी को बताया तो सभी साथी पुलिसकर्मी आगे आए और मायरा भरने की ठानी।
