Divya Gehlawat Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा 2025 की परीक्षा 182वीं रैंक से पास करने वाली दिव्या गेहलावत की कहानी काफी दिलचस्प है।
उन्होंने छठे वर्ष में इस परीक्षा को पास किया है। यह एक आसान यात्रा नहीं थी, लेकिन हर बार जब वह गिरती थी, तो वह फिर से शांत हो जाती थी और आगे बढ़ती रहती थी।
आइए दिव्या की यूपीएससी की सफलता की कहानी पर एक नज़र डालते हैं।
हरियाणा की रहने वाली है दिव्या
गेहलावत हरियाणा के रोहतक की रहने वाली हैं और उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा वहीं से की थी। उन्होंने विज्ञान स्ट्रीम में स्नातक की पढ़ाई पूरी की और फिर रोहतक के एम. डी. विश्वविद्यालय से भूगोल में परास्नातक पूरा किया।
पढ़ाई के दौरान ही सिविल सेवाओं के प्रति उनका झुकाव शुरू हुआ। परास्नातक के बाद उन्होंने जलवायु परिवर्तन में पीएचडी शुरू की, लेकिन यूपीएससी पास करने का लक्ष्य उनके दिमाग में स्पष्ट था।
2018 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा
दिव्या ने वर्ष 2018 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी थी। शुरुआत आसान नहीं थी और वह पहले दो प्रयासों में प्रीलिम्स पास नहीं कर सकीं।
तीसरे प्रयास में, उन्होंने मुख्य में जगह बनाई, लेकिन साक्षात्कार में उनका चयन नहीं किया जा सका।
इसके बाद भी स्थिति ज्यादा नहीं बदली और अगले दो बार फिर से प्रीलिम्स में रुकना पड़ा। इस दौरान वह कई बार निराश हुए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
अधिक जानकारी के लिए बता दे की दिव्या ने साल 2024 में शादी कर ली।
आमतौर पर, लोग सोचते हैं कि शादी के बाद पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो जाता है, लेकिन दिव्या ने इसे रास्ते में नहीं आने दिया। उन्होंने अपनी तैयारी को घरेलू जिम्मेदारियों के साथ संतुलित किया।
छठे प्रयास में मिली सफलता
उन्होंने अपने कमजोर हिस्सों पर काम किया और अपने अध्ययन के तरीके को बदल दिया। अंत में, छठे प्रयास में, दिव्या की कड़ी मेहनत का फल मिला और उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 182वीं रैंक हासिल की। उन्होंने यूपीएससी में कुल 985 अंक प्राप्त किए। उन्होंने लिखित परीक्षा में 825 अंक और साक्षात्कार में 165 अंक प्राप्त किए।



