pre-monsoon Update 2026 : उत्तर भारत के लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने वाली है , बता दे की पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ रही हैं।
इससे पहले लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, अंबाला और करनाल जैसे शहरों में तापमान 41-42 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया था।
गंगानगर, सूरतगढ़ और अनूपगढ़ में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
लेकिन हाल की मौसमी गतिविधियों के कारण, तापमान अब कई स्थानों पर 30 डिग्री के ऊपर चला गया है,
हालांकि हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अभी भी 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।
अगले सप्ताह बढ़ेगी प्री-मानसून गतिविधि, कई सिस्टम होंगे सक्रिय
आने वाले सप्ताह में उत्तर भारत के बड़े हिस्से में प्री-मानसून गतिविधियां और तेज होंगी। इसके पीछे कई मौसम कारक एक साथ काम करेंगे। pre-monsoon
मध्य एशिया और उत्तर पाकिस्तान के ऊपर ऊपरी वायुमंडल में बना गहरा ट्रफ भारत के मौसम को प्रभावित करेगा और गतिविधियों को बढ़ाएगा।
इसके कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में व्यापक स्तर पर धूल भरी आंधी और गरज-चमक वाले बादल बनेंगे। ऊंचे और मजबूत बादलों (अपड्राफ्ट) के कारण कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना भी बढ़ेगी।
3 मई से तेज होगा असर, 60 किमी/घंटा तक चलेंगी हवाएं
मौसम गतिविधियां कल से हल्की शुरुआत करेंगी और 3 मई (रविवार) से तेज होने लगेंगी। अगले सप्ताह इनकी तीव्रता और दायरा दोनों बढ़ेंगे।
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान, धूल भरी आंधी और 60 किमी/घंटा से अधिक रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं।
यह मौसम एक बड़े क्षेत्र में एक साथ सक्रिय हो सकता है, जिससे खेती, हवाई सेवाओं, यात्रा और बाहरी गतिविधियों पर असर पड़ेगा।
ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान और उड़ानों पर भी असर पड़ सकता है। pre-monsoon
ये गतिविधियां अधिकतर दोपहर बाद और शाम के समय होंगी, जबकि सुबह के समय मौसम साफ रह सकता है और तापमान 35-38°C के बीच पहुंच सकता है।
4–7 मई के बीच पीक, सावधानी जरूरी – लू से राहत जारी
2 और 3 मई को हल्की से मध्यम गतिविधियां रहेंगी, लेकिन 4 से 7 मई के बीच मौसम अपने चरम पर होगा, खासकर 4 और 5 मई को सबसे ज्यादा असर दिखेगा।
इस दौरान बिजली गिरने, तेज हवाओं, उड़ती वस्तुओं और पेड़ों के गिरने का खतरा रहेगा, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।
इस सिस्टम का असर 2 दिन और बना रहेगा और 10 मई के बाद ही मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना है।
राहत की बात यह है कि महीने के मध्य तक लू चलने की संभावना नहीं है। pre-monsoon



