Rajasthan News : राजस्थान के कोटा जिले से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दे की कोटा के चंबल घरियाल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध खनन पर सख्ती से प्रतिबंध लगाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कोटा जिला प्रशासन अब सतर्क हो गया है।
जिला मजिस्ट्रेट और जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए जिले में अवैध खनन और परिवहन को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।
इसके तहत जिले के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना नंबर प्लेट, संदिग्ध नंबर या नंबर प्लेट से छेड़छाड़ वाले वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा। Rajasthan News
जिला कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि अवैध बजरी खनन और परिवहन में ज्यादातर ऐसे वाहनों का उपयोग किया जाता है, जिनकी पहचान स्पष्ट नहीं है।
इस तरह के वाहन कानून और व्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जिले के सभी पेट्रोल पंप ऑपरेटरों को किसी भी संदिग्ध वाहन को पेट्रोल या डीजल न देने का सख्ती से निर्देश दिया गया है।
जारी आदेश में क्या कहा गया है ?
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी पेट्रोल पंप संचालक को कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो उसे तुरंत संबंधित पुलिस स्टेशन या उप-मंडल मजिस्ट्रेट को सूचित किया जाना चाहिए।
यदि कोई कानून का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Rajasthan News
इसके अलावा, क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) कोटा को निर्देश दिया गया है कि जिले भर में विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की गहन जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने पर उन्हें जब्त किया जाए।
प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई से अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी रूप से अंकुश लगेगा।





