Kal Ka Mousam 26 March 2026 : देश में बारिश अभी और आफत मचाने वाली है। मौसम विभाग ने कल यानी 25 मार्च के लिए एक बार फिर से हरियाणा-राजस्थान उत्तर भारत में भारी बारिश की चेतावनी जारी कर दी है।
इस दौरान 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलेगी।
किसानों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है। वहीं, पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली और वज्रपात टेंशन बढ़ाने वाली है।
वहीं 26 मार्च की रात से जम्मू और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखेगा।
वहीं, इस बीच पहाड़ी राज्यों में भी लोगों की मुश्किलें बढ़ने वाली है।
तो चलिए आपलोगों को बताते हैं कि देश के अन्य राज्यों में जिलावार मौसम का हाल कैसा रहेगा…
देश भर में मौसम प्रणाली:
पाकिस्तान के मध्य भाग और आसपास के क्षेत्रों में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण मध्य प्रदेश के मध्य भागों पर स्थित है। Kal Ka Mousam
मध्य मध्य प्रदेश के इस सिस्टम से लेकर महाराष्ट्र के उत्तर मध्य भागों तक (विदर्भ और मराठवाड़ा होते हुए) एक ट्रफ रेखा बनी हुई है।
एक और चक्रवाती परिसंचरण कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक भागों में समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर बना हुआ है।
मन्नार की खाड़ी से लेकर उत्तर आंतरिक कर्नाटक तक तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के ऊपर बनी ट्रफ अब कमजोर पड़ गई है।
लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेंगे-पहला 26 मार्च से और दूसरा 28 मार्च से।
पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल
पिछले 24 घंटों के दौरान, हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ वर्षा सिक्किम, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में दर्ज की गई।
हल्की से मध्यम बारिश हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों और तेलंगाना में हुई।
दक्षिण छत्तीसगढ़ और झारखंड में कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज हुई।Kal Ka Mousam
अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि
अगले 24 घंटे को दौरान, हल्की से मध्यम बारिश सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के कुछ हिस्सों में हो सकती है।
26 और 27 मार्च को जम्मू और कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में छिटपुट बारिश और बर्फबारी संभव है।
27 मार्च को उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।Kal Ka Mousam
26 और 27 मार्च को राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां संभव हैं।
अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्व भारत में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है।
