8th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अच्छी खबर है। 8वें वेतन आयोग ने समझौता ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 31 मई कर दी है।
राष्ट्रीय परिषद (एनसी-जेसीएम) की मांग को ध्यान में रखते हुए आयोग ने यह निर्णय लिया है, जिससे अब विभिन्न संगठनों को अपनी मांगों को विस्तार से रखने के लिए और समय मिलेगा।
31 मई तक का समय, लेकिन जमा करने का तरीका बदल गया
आयोग ने ज्ञापन प्रस्तुत करने के लिए समय बढ़ाया है, लेकिन प्रस्तुत करने की विधि के संबंध में नियमों को कड़ा कर दिया है। 8th Pay Commission
अब सभी प्रस्तुतियाँ आयोग द्वारा निर्दिष्ट ऑनलाइन लिंक के माध्यम से ही की जा सकती हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कागज आधारित ज्ञापन, हार्ड कॉपी, पीडीएफ या ईमेल के माध्यम से भेजे गए ज्ञापनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकृत नोडल अधिकारी निर्धारित संरचित प्रारूप में ऑनलाइन अपने सुझाव दे सकते हैं।
क्यों बढ़ाई गई डेडलाइन?
नेशनल काउंसिल फॉर जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी(NC-JCM) ने मंगलवार को आयोग की चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई से मुलाकात की थी। कर्मचारी संगठनों का कहना था कि कई संगठन और पेंशनभोगी एसोसिएशन ऑनलाइन ज्ञापन जमा करने में कठिनाई महसूस कर रहे थे। 8th Pay Commission
28 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच दिल्ली में हुई महत्वपूर्ण चर्चाओं के बाद यह विस्तार दिया गया है। वैसे ये डेडलाइन बढ़ने से फिटमेंट फैक्टर पर अंतिम फैसला आने में देरी हो सकती है जिससे कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी पाने के लिए और लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
फिटमेंट फैक्टर और सैलरी को लेकर क्या हैं मुख्य मांगें?
इस बार कर्मचारियों की नजर सबसे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर पर है, जो सैलरी बढ़ाने का मुख्य आधार होता है:
₹69,000 न्यूनतम वेतन: NC-JCM ने पे कमीशन से 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर इसे मान लिया जाता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी वर्तमान के ₹18,000 से बढ़कर ₹69,000 हो सकता है।
सालाना इंक्रीमेंट: मेमोरेंडम में 6% वार्षिक वेतन वृद्धि की मांग की गई है। 8th Pay Commission
प्रमोशन और ग्रेच्युटी: प्रमोशन के समय दो अतिरिक्त इंक्रीमेंट से न्यूनतम ₹10,000 का लाभ और एक महीने के वेतन के बराबर ग्रेच्युटी की भी मांग रखी गई है।
जानें अब आगे क्या होगा?
31 मई को मेमोरेंडम जमा करने की नई समय-सीमा समाप्त होने के बाद, 8वां वेतन आयोग सभी प्राप्त सुझावों और डेटा का गहन विश्लेषण शुरू करेगा।
इस प्रक्रिया के दौरान, आयोग विभिन्न कर्मचारी संघों, मंत्रालयों और केंद्र शासित प्रदेशों के नोडल अधिकारियों द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भेजी गई मांगों, विशेषकर 3.83 के फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन को ₹69,000 करने जैसे प्रस्तावों पर विचार करेगा।
इसके बाद चेयरपर्सन रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में पैनल प्रमुख स्टेकहोल्डर्स के साथ अगले दौर की चर्चाएं करेगा ताकि वित्तीय बोझ और कर्मचारियों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाया जा सके। 8th Pay Commission
अंत में आयोग अपनी विस्तृत रिपोर्ट और सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा, जिसके आधार पर कैबिनेट वेतन वृद्धि और भत्तों पर अंतिम निर्णय लेकर उन्हें लागू करने की समय-सीमा तय करेगी।



