Land registry Rate Hike in Haryana : हरियाणा के लोगों के लिए इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बता दे की सरकार के राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने नए वित्त वर्ष (2026-27) के लिए कलेक्टर दरों की नई सूची तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी लाई है।
1 अप्रैल, 2026 से, भूमि, घर और वाणिज्यिक संपत्तियों की नई कलेक्टर दरें पूरे राज्य में प्रभावी होंगी।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, कई शहरी और प्रमुख स्थान वाले क्षेत्रों में इन दरों को 10% से 25% तक बढ़ाया जा सकता है।
इन जिलों की कीमतों में दिखेगा ज्यादा उछाल
विशेषज्ञों का मानना है कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और सोनीपत जैसे शहरों के विकसित क्षेत्रों और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे की भूमि पर दरों में सबसे अधिक वृद्धि होने की संभावना है।
कलेक्टर दर बढ़ाने से संपत्ति का स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्री शुल्क सीधे बढ़ जाएगा, जिससे आम आदमी के लिए घर खरीदना पहले की तुलना में अधिक महंगा हो जाएगा।
तहसीलों से प्रस्तावित दरों का सर्वेक्षण
अधिक जानकारी के लिए बता दे कि सभी जिला उपायुक्तों (डीसी) ने अपने-अपने क्षेत्राधिकार की तहसीलों से प्रस्तावित दरों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया है।
इन दरों का निर्धारण करते समय पिछले एक वर्ष में रजिस्ट्रियों और बाजार मूल्य को ध्यान में रखा गया है। आवासीय और वाणिज्यिक स्थलों की दरों में बहुत अंतर है।
31 मार्च तक पुरानी दरों पर होगी रजिस्ट्री
अधिक जानकारी के लिए बता दे कि जिन लोगों ने हाल ही में प्रॉपर्टी खरीदी है या जिनके सौदे अंतिम चरण में हैं, उनके पास पुरानी दरों पर रजिस्ट्री करवाने के लिए 31 मार्च तक का समय है।
इसके बाद होने वाली सभी रजिस्ट्रियों पर नए रेट ही लागू होंगे। प्रशासन का मानना है कि कलेक्टर रेट और मार्केट रेट के बीच के अंतर को कम करने के लिए यह कदम उठाना आवश्यक है।
